जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक
कृषि विविधिकरण पर दिया गया विशेष जोर

कृषकों को पारंपरिक फसलों के साथ औद्यानिक एवं जैविक खेती के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित
मेरठ ।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह की अध्यक्षता में कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की गवर्निंग बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आत्मा योजना के तहत गत वर्ष आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा एवं वर्ष 2025-26 की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया द्वारा आत्मा योजना, उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM), तिलहन योजना (NMOOP), नमामि गंगे, परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) एवं नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF) सहित संचालित योजनाओं का प्रस्तुतिकरण बोर्ड के समक्ष किया गया।
वर्ष 2025-26 के लिए 401.19 लाख रुपये की जिला कृषि कार्य योजना को गवर्निंग बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया। साथ ही संबंधित विभागों को प्रस्तावित कार्यक्रमों के लक्ष्यों का आवंटन भी स्वीकृत किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. सिंह ने निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर पर कार्यरत बीटीएम (ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक) और एटीएम (सहायक तकनीकी प्रबंधक) को अद्यतन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में विविधिकरण को बढ़ावा देना समय की मांग है। गन्ना, धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ किसानों को औद्यानिक फसलों, जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए भी प्रेरित किया जाए। साथ ही मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती के रकबे को भी बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने निर्देश दिया कि किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी दी जाए एवं उन्हें अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराए गए यंत्रों की समुचित देखभाल एवं उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
कृषक प्रतिनिधियों ने भी बैठक में उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए। कृषक राजकुमार बाफर ने अनुरोध किया कि कृषि विश्वविद्यालयों से समय-समय पर बुलेटिन जारी कर नई तकनीकी जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कीट नियंत्रण हेतु फेरोमोन ट्रैप एवं ट्राइकोकार्ड के प्रयोग के लिए किसानों को जागरूक करने का सुझाव भी दिया। वहीं कृषक सोदान सिंह ने गन्ना एवं धान के क्षेत्रफल को कम कर औद्यानिक फसलों को अपनाने की बात कही।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार, आत्मा बोर्ड के सदस्यगण, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


