
लखनऊ । राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शुक्रवार को राजभवन में नवनियुक्त मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश एसपी गोयल ने शिष्टाचार भेंट की। गोयल ने बृहस्पतिवार को कार्यभार संभाला।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव का पदभार संभालने के बाद आईएएस अधिकारी एसपी गोयल ने शुक्रवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है। बता दें कि एसपी गोयल ने बृहस्पतिवार को ही मुख्य सचिव का पदभार संभाला।
इसके पहले, शशि प्रकाश गोयल अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नागरिक उड्डयन, राज्य संपत्ति एवं प्रोटोकॉल विभाग की जिम्मेदारी भी थी। अब उन्हें मुख्य सचिव के पद पर तैनात करने के साथ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव समन्वय विभाग, अध्यक्ष पिकप, यूपीडा एवं उपशा का मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा यूपीडा के निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नागरिक उड्डयन और राज्य संपत्ति विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह, प्रोटोकॉल, गोपन, वीजा, पासपोर्ट, सतर्कता एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग संजय प्रसाद को दी गई है।
आठ वर्ष से सीएम कार्यालय में रहे तैनात
आईएएस एसपी गोयल करीब आठ वर्ष से मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया था। इसके बाद अपर मुख्य सचिव के पद पर प्रोन्नत होने के बाद भी वह मुख्यमंत्री कार्यालय में ही बरकरार रहे। वह मनोज कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने के वाद प्रदेश के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी बन चुके हैं।
बता दें कि मूल रूप से लखनऊ निवासी एसपी गोयल का जन्म 20 जनवरी 1967 को हुआ था। बीएससी (आनर्स) और एमसीए की पढ़ाई के बाद 1989 में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ था। उनकी पहली तैनाती इटावा में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी। तत्पश्चात, बहराइच और अलीगढ़ के सीडीओ बने। वह देवरिया, मथुरा, इटावा, प्रयागराज, अलीगढ़ के डीएम भी रह चुके हैं। वहीं नियोजन, सिंचाई, कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वह अक्तूबर 2014 से मई 2017 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर मानव संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।



