अमरोहा
अमरोहा में आवारा कुत्ते के काटने से छात्र की मौत,
एंटी रेबीज की एक डोज लगने के बाद नहीं गए थे अस्पताल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा : एक आवारा कुत्ते के काटने से रेबीज होने के कारण कक्षा पांच के 11 वर्षीय छात्र की मृत्यु हो गई। कुत्ते ने करीब दो महीने पहले खाना खाते समय उसे काटा था। एंटी रेबीज वैक्सीन की एक डोज लगवाने के बाद लापरवाही बरती गई। 29 जुलाई को छात्र की हालत बिगड़ी और उसे पानी से डर लगने लगा।
1 इलाज के लिए कई जगह ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर घर पर ही उसकी मृत्यु हो गई
2 20 दिन पहले घर में खाना खाते हुए कुत्ते ने किया था l हमला
3 29 जुलाई को बिगड़ी हालत, शुक्रवार को घर पर थोड़ा दम l
आवारा कुत्ते के काटने से रेबीज होने पर कक्षा पांच के 11 वर्षीय छात्रा की जान चली गई। एंटी रेबीज वैक्सीन की एक डोज दिलवाले के बाद स्वजन द्वारा उसे ठीक समझकर की लापरवाही बड़ा दुख दे गई। मामला हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव लठीरा माफी का है। करीब दो माह पहले घर में खाना खाते हुए बाहर से घूमते हुए आए आवारा कुत्ते ने किसान मनीराम सिंह के 11 वर्षीय बेटे बालकरन को काट लिया था।
एंटी रेबीज वैक्सीन की एक डोज ली थी
स्वजन बेटे को हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां एंटी रेबीज वैक्सीन की एक डोस दिलवाई और फिर उसे पूरी तरह ठीक मानकर अगली डोज नहीं लगवाई। 29 जुलाई को छात्र की हालत बिगड़ने लगी तथा वह पानी को देखकर डरने लगा। इसके बाद स्वजन उसे हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
हायर सेंटर को किया रेफर
चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर धुर्वेंद्र सिंह ने उसकी हालत को देखकर हायर सेंटर रेफर कर दिया। उधर बालक की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिवार के लोग उसे पहले मेरठ और बाद में दिल्ली तक ले गए लेकिन, छात्र की स्थिति को देखकर हर किसी चिकित्सक ने हाथ खड़े कर लिए। इसके बाद स्वजन उसे घर ले आए। शुक्रवार सुबह उसे मुरादाबाद ले जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन घर पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
गांव के ही स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था बालकरन
बालकरन गांव के ही एक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था। बेटे की मृत्यु से परिवार में चीत्कार मचा है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से हो रहा है पिछले कुछ वर्षों में तहसील क्षेत्र में कई बच्चों समेत 12 से अधिक लोगों की जान आवारा कुत्ते ले चुके हैं। परंतु जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
आवारा कुत्ते के काटने पर परिवार के लोग बालकरन को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे। पहले डोज लगवाने के बाद दोबारा अस्पताल लेकर नहीं आए थे। बालक की मृत्यु के संबंध में जानकारी नहीं है। – डॉक्टर धुर्वेंद्र सिंह चिकित्सा अधीक्षक हसनपुर


