अलवर
मरम्मत के तीन माह बाद ही छत से टपकने लगी भ्रष्टाचार की बूंदे।
लाखों रुपए की मरम्मत सिर्फ तीन माह में टपकने लगी,

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
इंजीनियर और ठेकेदार पर उठे सवाल,,
अलवर। जिले में शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक वितरण केन्द्र में भ्रष्टाचार की बूंदें अब छत से साफ़-साफ़ टपकने लगी हैं। मात्र तीन महीने पहले जिस छत की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए, वह बरसात के शुरुआती दौर में ही टपकने लगी है।हम आपको बता दे की यह काम जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा विभाग अलवर के निर्देश पर हुआ था, जिसमें ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर की देखरेख में छत की रिपेयरिंग कराई गई थी। लेकिन जैसे ही बारिश शुरू हुई, छत से पानी टपकने लगा और पूरे कार्यालय में पानी भर गया। कर्मचारी जरूरी दस्तावेज़ और किताबों को भीगने से बचाने में जुटे रहे।खैर तीन माह में ही मरम्मत कि पोल खुलना इस बात की ओर इशारा करता है कि कार्य के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई और घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी पैसों की बंदरबांट की गई। कार्यालय कर्मचारियों का आरोप है कि मरम्मत केवल कागजों पर हुई और वास्तविक काम अधूरा, कमजोर व लापरवाही भरा रहा।इस मामले में ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत की आशंका ज़ाहिर की जा रही है। अब कर्मचारियों ने मांग की है कि इस घटिया निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।अगर समय रहते इस भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। प्रशासन को अब सिर्फ स्कूलों की नहीं, सरकारी दफ्तरों की जर्जर होती स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।




