लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नक्शा स्वीकृति शुल्क में की तीन गुना वृद्धि,
नए विकास परियोजनाओं को मंजूरी

लखनऊ : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए नक्शा स्वीकृति शुल्क में तीन गुना वृद्धि की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत, प्रति वर्ग मीटर शुल्क को 200 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये तक किया गया है। यह वृद्धि विशेष रूप से शहीद पथ, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सड़कों, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए की गई है। इसके साथ ही, एलडीए ने ऐशबाग और बसंतकुंज जैसे क्षेत्रों में नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें नैमिष नगर और वरुण विहार योजनाएं शामिल हैं।
एलडीए के अधिकारियों के अनुसार, नक्शा स्वीकृति शुल्क में यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू होगी। वर्तमान में, लखनऊ में विकास शुल्क लगभग 2,360 रुपये प्रति वर्ग मीटर है, जिसे 4.3% की वृद्धि के साथ लगभग 2,462 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का प्रस्ताव है। यह वृद्धि मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर की गई है।
शहीद पथ, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर जैसे प्रमुख एक्सप्रेसवे के 500 मीटर के दायरे में स्थित संपत्तियों पर यह शुल्क लागू होगा। इस कदम का उद्देश्य इन तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सड़कों, जल निकासी और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए धन जुटाना है। हालांकि, इससे इन क्षेत्रों में मकान खरीदने वालों और बिल्डरों के लिए निर्माण और स्वामित्व लागत में वृद्धि हो सकती है। एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “शुल्क वृद्धि से प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर के उच्च विकास वाले क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा। यह कदम लखनऊ को एक आधुनिक और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।”
नए विकास परियोजनाओं को मंजूरी
एलडीए ने हाल ही में अपनी 185वीं बोर्ड बैठक में कई विकास और जनहित के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें ऐशबाग, गोमती नगर, गोमती नगर विस्तार और बसंतकुंज योजनाओं में हाईटेक ग्रुप हाउसिंग फ्लैट्स के निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा, नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी नई योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।
नैमिष नगर परियोजना: बख्शी का तालाब (बीकेटी) में 2,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली नैमिष नगर परियोजना का लक्ष्य किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए आवास विकल्प प्रदान करना है। यह परियोजना आगरा एक्सप्रेसवे के पास स्थित है और इसमें आवासीय, व्यावसायिक और अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी।
वरुण विहार योजना: यह योजना भी शहर के सुनियोजित विकास का हिस्सा है, जिसके तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ की बढ़ती आवासीय मांग को पूरा करना और शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है।
बसंतकुंज में ई-नीलामी: एलडीए ने बसंतकुंज योजना में 50 आवासीय भूखंडों को ई-नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें सेक्टर-जी में 252 वर्ग मीटर के भूखंड, गौ घाट के पास ग्रीन कॉरिडोर के निकट, 32,955 रुपये प्रति वर्ग मीटर की आधार दर पर उपलब्ध हैं। इनकी अनुमानित सामूहिक कीमत 310 करोड़ रुपये है।



