
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
अलवर : जयपुर रोड स्थित ढाई पैड़ी के पास कृषि भूमि पर एक कमर्शियल रिजॉर्ट का निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी है। निर्माण कार्य की तेजी से यह स्पष्ट है कि संबंधित भूमि का न तो अभी तक भूमि रूपांतरण (लैंड कन्वर्जन) हुआ है और न ही नियमानुसार किसी प्रकार की स्वीकृति ली गई है। फिर भी नगर विकास न्यास की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।नियमों के अनुसार किसी भी कृषि भूमि पर व्यवसायिक उपयोग के लिए सबसे पहले भूमि का रूपांतरण आवश्यक है, जिसके बिना कमर्शियल निर्माण पूर्णत अवैध माना जाता है। इसके बावजूद, लाखों-करोड़ों की लागत से यह निर्माण जारी है और संबंधित अधिकारियों को इस बात की जानकारी भी है।सूत्रों की मानें तो नगर विकास न्यास के अधिकारी पिछले कई दिनों से इस निर्माण को लेकर अवगत हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आमजन में यह धारणा बनती जा रही है कि गरीब की जमीन पर जहां नगर विकास न्यास तुरंत पीला पंजा चला देता है, वहीं अमीर और प्रभावशाली लोगों के निर्माण पर कार्रवाई से बचता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगी, तो अलवर शहर का स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन दोनों प्रभावित होंगे साथ ही, राज्य सरकार को भी राजस्व हानि हो रही है।प्रशासन की यह चुप्पी क्या मिलीभगत का संकेत है, या लापरवाही,,, यह जांच का विषय है। लेकिन फिलहाल, ढाई पैड़ी क्षेत्र में कृषि भूमि पर कमर्शियल निर्माण खुलेआम जारी है और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।



