उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 2025 शुरू
ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ नए लक्ष्य की ओर अग्रसर

लखनऊ, 11 अगस्त 2025 : उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज लखनऊ में शुरू हुआ, जो 16 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले दिन छह महत्वपूर्ण अध्यादेशों को विधेयकों के रूप में पेश किया गया, जो शिक्षा, धार्मिक प्रबंधन, कर सुधार, और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। इसके साथ ही, 13 से 14 अगस्त तक 27 घंटे की विशेष कार्यवाही में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ पर केंद्रित चर्चा होगी। सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानभवन के नवीनीकृत गुंबद, नए सभा मंडप, और अतिविशिष्ट जलपानगृह के उद्घाटन के साथ हुई।

पेश किए गए अध्यादेश:
सत्र के पहले दिन निम्नलिखित छह अध्यादेश सदन के पटल पर रखे गए, जो विधेयकों के रूप में परिवर्तित होंगे:
1. उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए न्यास गठन।
2. उत्तर प्रदेश निरसन अध्यादेश, 2025: पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त कर कानूनी ढांचा सरल करना।
3. उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2025: भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए सुधार।
4. उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2025: निजी विश्वविद्यालयों के नियमन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार।
5. उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2025: उच्च शिक्षा में और सख्त नियामक ढांचा।
6. उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2025: जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल कर व्यापार को प्रोत्साहन।
विपक्ष: सपा-कांग्रेस स्कूल विलय, बेरोजगारी, और बिजली निजीकरण पर सरकार को घेरेगी।
तकनीक: एआई कैमरों से कार्यवाही की निगरानी।
सुरक्षा/ट्रैफिक: 11-14 अगस्त तक 9 मार्गों पर डायवर्जन।



