राजस्थान
शिक्षिका को एपीओ करने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश, स्कूल के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
तिजारा। खैरथल-तिजारा जिले के गोठड़ा गांव में महिला टीचर अनुराधा सैनी को प्रशासन द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित (एपीओ) किए जाने के बाद बुधवार को ग्रामीणों और शिक्षिका ने स्कूल के सामने धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने टीचर अनुराधा सैनी के समर्थन में एकजुट होकर प्रशासन के इस फैसले का विरोध जताया और इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षिका ने स्कूल में बच्चों की शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासन ने बिना ठोस कारण के उन्हें एपीओ कर दिया। ग्रामीणों ने बुधवार को स्कूल के सामने धरना शुरू किया, जिसमें टीचर अनुराधा सैनी भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि टीचर अनुराधा सैनी को तुरंत बहाल किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।
शिक्षिका अनुराधा सैनी ने बताया कि स्कूल का स्टाफ उन्हें लगातार परेशान करता है। हाल ही में स्कूल परिसर में दो पीपल के पेड़ काटे गए, जिसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से की थी। इसके अलावा, स्कूल में बच्चों को गंदा पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, और अन्य व्यवस्थाएं भी गड़बड़ाई हुई हैं। अनुराधा का दावा है कि उनकी इन शिकायतों के कारण ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी राम सिंह ने कहा, “हमारी शिक्षिका ने बच्चों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्हें राजनीतिक दबाव में हटाया गया है, जो सरासर गलत है। हम चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और शिक्षिका को तुरंत बहाल करे।” ग्रामीणों ने बताया कि गोठड़ा गांव में पहले भी मुआवजे और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं। उन्होंने स्थानीय विधायक और तिजारा प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।
सीबीओ बोले टीचर के खिलाफ कई शिकायतें है, स्टाफ को परेशान करती है तिजारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेशचंद मेघ ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ लंबे समय से कई शिकायतें मिल रही थीं। उनके और एसीबीओ ने स्वयं जांच की, जिसमें पाया गया कि शिक्षिका ने स्कूल के पूरे स्टाफ को परेशान किया और गलत व्यवहार किया। मेघ ने कहा, “शिक्षिका के खिलाफ चल रही जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए उन्हें एपीओ किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।” फिलहाल, शिक्षिका का मुख्यालय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तिजारा निर्धारित किया गया है।
मामले की गंभीरता: यह विवाद गोठड़ा गांव में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षिका को बहाल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने जांच पूरी होने तक निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



