बैतूल प्रूफ रेंज की खबर से गांवों में मचा हड़कंप, लोगों ने छोड़ दिया खाना-पीना
टेमरा, चिचोली से मलाजपुर तक गांवों में दहशत, ग्रामीण पहुंचे एसडीएम कार्यालय

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बैतूल। प्रूफ रेंज बनाए जाने की खबरों से शाहपुर, चिचोली और आसपास के ग्रामीण अंचलों में भय और चिंता का वातावरण बन गया है। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में टेमरा मॉल, टेमरा रैयत, रामपुर मॉल, ढप्पा, खादरा, मलाजपुर, चिचोली, चिखली, सेहरा, झड़कुंड जैसे गांवों के नाम सामने आने के बाद वहां के निवासियों में गहरी बेचैनी फैल गई है। लोगों को यह आशंका सताने लगी है कि इन गांवों का विस्थापन किया जाएगा।
विस्थापन की इस आशंका ने ग्रामीणों को इतना व्यथित कर दिया है कि कई लोगों ने खाना-पीना तक छोड़ दिया है। डर और असमंजस के इसी माहौल के बीच आज ग्रामीणों ने एकजुट होकर जनप्रतिनिधियों के साथ शाहपुर एसडीएम से मुलाकात की और अपनी शंका स्पष्ट करने की मांग रखी।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कमलेश यादव ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से स्पष्ट पूछा कि क्या वास्तव में इतने गांवों को विस्थापित किया जाना है या फिर यह सिर्फ अफवाह है, जिसके माध्यम से लोगों में भय फैलाया जा रहा है। शाहपुर एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अभी तक उनके पास प्रूफ रेंज या किसी भी गांव के विस्थापन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। यदि भविष्य में इस विषय पर कोई सूचना आती है, तो वह ग्रामीणों को जरूर अवगत कराएंगे।
इस प्रतिनिधिमंडल में पिंटू वरकड़े जनपद सदस्य शीतलझीरी, धनराजसिंह इवने सरपंच शीतलझीरी, नरेंद्र कुमार मिश्रा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शाहपुर, कमल यादव ढप्पा, देवचंद्र यादव टेमरा, अविनाश भलावी टेमरा सहित क्षेत्र के लगभग 59 से 60 ग्रामीण शामिल थे।
लोगों की इस चिंता और व्याकुलता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि किसी भी विकास योजना से पहले प्रशासन को पारदर्शिता और संवाद का रास्ता अपनाना होगा, ताकि अफवाहों को जगह न मिले और जनता के मन में भरोसा बना रहे। ग्रामीणों की मांग है कि यदि वाकई इस तरह की कोई योजना है तो उन्हें पहले से इसकी पूरी जानकारी दी जाए और जनसुनवाई कराई जाए।



