बरेली
जनपद में मनाया गया विश्व मच्छर दिवस
मच्छरों से बचाव ही नहीं बल्कि डेंगू, फ़ाइलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी बुखार (दिमागी बुखार) से भी बचाता है- मुख्य चिकित्सा अधिकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली ,हर साल की भाँति इस साल भी बुधवार को विश्व मच्छर दिवस आयोजित हुआ | इसको लेकर समस्त सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रो में कार्यक्रम आयोजित किये गए | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि इस वर्ष इस दिवस की थीम है “एक अधिक न्यायसंगत दुनिया के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना।” यह थीम मलेरिया की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए सभी को समान पहुंच प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डालती है, विशेष रूप से वंचित और कमजोर समुदायों में। इस थीम के माध्यम से, न्यायसंगतता और पहुंच पर ध्यान केंद्रित करके, मलेरिया नियंत्रण में नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सकता है, जिसमें बेहतर टीके, मच्छर नियंत्रण के बेहतर तरीके और सार्वजनिक जागरूकता में वृद्धि शामिल है। मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, फ़ाइलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से होती है ,मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है !
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि मच्छरों से बचने का उपाय है कि पूरी बांह के कपड़े पहने , सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें , मच्छररोधी रसायन का स्प्रे करें , मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करें, जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में अब तक 1221 मलेरिया केस आ चुके हैँ। पांच साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवतियों, बुजुर्गों और प्रतिरक्षा-समझौता व्यक्तियों को मच्छर के काटने से बचना चाहिए और उनसे बचाव के उपाय अपनाने चाहिए ,बुखार आने पर स्वयं कोई इलाज न करें ,पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जाँच और इलाज कराएं स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाँच और इलाज निःशुल्क उपलब्ध है ,इसी क्रम में रामनगर ब्लॉक के ग्राम देवकोला में 5 मलेरिया केस आने के उपरांत वहाँ के तालाबों में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ सुनील और जिले की टीम द्वारा गम्बूजिया मछली को डाली गयीं इस अवसर पर मण्डलीय एंटोमोगोजिस्ट अभिषेक कुमार, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक गुलशन कुमार, एम्बेड संस्था से दुर्गेश अग्रवाल, ए आर ओ, बीपीऍम, बीसीपीऍम, आशा मौजूद रहे।


