असम

एम्स , गुवाहाटी के नव नियुक्त अध्यक्ष पद्मश्री से सम्मानित प्रो. (डॉ.) बी. के. एस. संजय का एम्स में किया गया भव्य स्वागत।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम : असम के कामरूप ज़िले के चांगसारी में स्थापित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गुवाहाटी में 22 अगस्त शुक्रवार को एक प्रेरणादायक संवाद सत्र का आयोजन हुआ। जिसमें संस्थान के नव नियुक्त अध्यक्ष, पद्म श्री प्रो. (डॉ.) बी.के.एस. संजय ने शिरकत की। डॉ. संजय एक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त अस्थि रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्हें सर्जन, शिक्षाविद, लेखक एवं समाजसेवी के रूप में व्यापक प्रतिष्ठा प्राप्त है। डॉ. संजय ने अपनी बुनियादी ऑर्थोपीडिक शिक्षा कानपुर, पीजीआई चंडीगढ़ और सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ ऑर्थोपीडिक्स, नई दिल्ली से प्राप्त की। उन्होंने स्वीडन, स्विट्जरलैंड, जापान, अमेरिका और रूस से ऑर्थोपीडिक्स की विभिन्न उप-विशेषज्ञताओं में उन्नत प्रशिक्षण और फैलोशिप भी प्राप्त की हैं। अपने 45 वर्षों के दीर्घ चिकित्सा करियर में उन्होंने भारत और विदेशों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है । संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक पुराणिक ने डॉ. संजय का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके इस उत्तरदायित्व को स्वीकार करने हेतु आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय का अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व एम्स गुवाहाटी को स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में सशक्त करेगा । संकाय एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. संजय ने भारत सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होंने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा। उन्होंने संस्थान के समग्र विकास हेतु अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने कहा कि एम्स गुवाहाटी को नैदानिक सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व का एक उत्कृष्ट केंद्र बनाना चाहिए ।पद्म श्री डॉ. संजय ने नवाचार, नैदानिक अनुसंधान तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि पूर्वोत्तर भारत की विशेष स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके। उन्होंने कैंसर, हृदय रोग, नशा मुक्ति तथा दिव्यांगता को प्रमुख क्षेत्रीय स्वास्थ्य समस्याओं को बताते हुए कहा कि इनके लिए उन्नत उपचार, अनुसंधान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने आयुष्मान भारत, जन औषधि केंद्र, अमृत औषधि केंद्र, टीकाकरण क्लीनिक (जिसमें पीले बुखार का टीकाकरण शामिल है) और दिव्यांगजनों के लिए पुनर्वास सेवाओं जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने की आवश्यकता जताई, जिससे एम्स गुवाहाटी को सस्ती, समावेशी एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके । टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. संजय ने संकाय, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं स्टाफ से सेवा भावना, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें भावी चिकित्सकों को करुणाशील, कुशल और संवेदनशील डॉक्टरों के रूप में तैयार करना चाहिए, ताकि एम्स गुवाहाटी समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए उच्चतम् एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बन सके । इस अवसर पर संकाय के सदस्यों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दिखाई और संस्थान की प्रगति में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. संजय ने संस्थान की अब तक की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आगे एम्स गुवाहाटी एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित होगा। सत्र का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि एम्स गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत ही नहीं, अपितु पूरे देश की स्वास्थ्य सेवा करने वाला एक अग्रणी संस्थान बनाया जाएगा।

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