बेतुल
बैतूल जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर धाकड़ दंपति पर फिर लगे गंभीर आरोप
– असफल ऑपरेशन, रिश्वतखोरी और दबाव के आरोप, फिर भी प्रशासन क्यों चुप?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जिला चिकित्सालय बैतूल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इंदिरा कॉलोनी निवासी बिलकिस शेख (36 वर्ष) ने मीडिया के सामने आकर खुलासा किया कि उन्होंने 21 जुलाई को डॉ. प्रदीप धाकड़ से बच्चेदानी का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन से पहले डॉक्टर ने दबाव डालकर ₹4000 लिए, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला।
बिलकिस का कहना है कि जब वे मजबूरी में डॉ. राठी के निजी अस्पताल पहुंचीं तो डॉक्टर ने साफ कहा कि “ऑपरेशन सफल नहीं हुआ, अब दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा, जिसमें 40–50 हजार रुपए खर्चा आएगा।
*डॉक्टर धाकड़ का फोन पर दबाव*
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया है कि कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद ही डॉ. धाकड़ ने फोन पर संपर्क कर उन्हें दोबारा ऑपरेशन कर देने की बात कही और शिकायत न करने का दबाव भी डाला।
*डॉक्टर की पत्नी पर भी गंभीर आरोप*
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि डॉ. धाकड़ की पत्नी जिला अस्पताल में ₹5000 लेकर ऑपरेशन करवाने की दलाली करती हैं। कई बार इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद भी इन्हें प्रशासन द्वारा दबा दिया गया।
*प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल*
यह मामला कलेक्टर के समक्ष औपचारिक रूप से दर्ज नहीं हुआ, लेकिन पीड़िता ने मीडिया में जो खुलासे किए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि –आखिर बार-बार सामने आने वाले आरोपों के बावजूद धाकड़ दंपति पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
गरीब मरीजों से अवैध वसूली और असफल ऑपरेशन जैसे मामलों को दबाने में कौन-कौन शामिल है?
बिना शिकायत के भी क्या प्रशासन की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे?
*बड़े सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग*
बार-बार उठ रहे आरोपों के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बार धाकड़ दंपति पर क्या रुख अपनाता है – या फिर यह मामला भी पुराने मामलों की तरह दबा दिया जाएगा।



