
नई दिल्ली। अगर यह बोली सफल रहती है, तो भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में भारत के 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (उहॠ) की मेजबानी की बोली लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। सरकार ने अहमदाबाद को इस आयोजन के लिए “आदर्श शहर” बताते हुए कहा कि यहां विश्वस्तरीय स्टेडियम, अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं और खेलों के प्रति जुनूनी माहौल मौजूद है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले भारतीय ओलंपिक संघ (कडअ) ने ‘एक्सप्रेशन आॅफ इंटरेस्ट’ जमा करने के बाद भारत की इस बोली को मंजूरी दी थी। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने युवा मामले और खेल मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें भारत की ओर से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की बोली लगाने की अनुमति मांगी गई थी।’
अहमदाबाद सरकार को सहयोग
अगर यह बोली स्वीकार कर ली जाती है तो कैबिनेट ने साथ ही होस्ट कोलैबोरेशन एग्रीमेंट (ऌउअ) पर हस्ताक्षर, संबंधित मंत्रालयों और विभागों से जरूरी गारंटी उपलब्ध कराने और गुजरात सरकार को ग्रांट-इन-एड देने की भी मंजूरी दी है। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की बोली लगाने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। बताया जा रहा है कि कडअ अगले 48 घंटों में सभी प्रक्रिया पूरी कर देगा।
भारत की दूसरी मेजबानी का मौका
अगर यह बोली सफल रहती है, तो भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था।


