लखनऊ के गुडंबा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, दो की मौत, कई घायल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में रविवार दोपहर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के साथ-साथ पास की एक इमारत भी ढह गई, जिससे कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह विस्फोट दोपहर करीब 12 बजे हुआ। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया, “विस्फोट उस घर में हुआ, जहां अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और कुछ लोग घायल हुए हैं।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की छत का एक हिस्सा ढह गया, और आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा। धमाके के बाद धुएं का गुबार उठा, जिससे स्थानीय लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों और घायलों की स्थिति
मृतकों की पहचान आलम और उनकी पत्नी मुन्नी के रूप में हुई है, जो इस अवैध फैक्ट्री के संचालक थे। घायलों में से कुछ को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। लखनऊ के डीएम विशाक जी ने बताया कि तीन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई विस्फोट के बाद मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। दमकल विभाग की पांच से अधिक गाड़ियां आग पर काबू पाने और मलबे को हटाने में जुटी हैं। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं ताकि विस्फोट के कारणों की जांच की जा सके।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का तत्काल संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
अवैध फैक्ट्री पर सवाल स्थानीय लोगों और प्रशासन के अनुसार, यह पटाखा फैक्ट्री रिहायशी इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रही थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में लाइसेंस की कोई जानकारी नहीं थी, और वहां बड़ी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री जमा थी। इस हादसे ने अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों की सुरक्षा और नियमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। कुछ स्थानीय लोगों ने सिलेंडर फटने की आशंका जताई है, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इसकी पुष्टि के लिए जांच कर रही हैं। साथ ही, एक पड़ोस की महिला ने दावा किया है कि फैक्ट्री मालिक के लड़के ने गेट पर पटाखा दागा, जिसके बाद यह हादसा हुआ। इस दावे की भी जांच की जा रही है।




