
देहरादून। उत्तराखंड में बारिश कहर बरपा रही है। प्रदेश में 260 सड़कें बंद हैं। तमक नाले का पुल बहने से सीमावर्ती क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
प्रदेश में हो रही बारिश के कारण सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से 260 सड़कें बंद हो गई हैं। गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग के तमक नाला में पुल बह गया है। जिससे मुख्यालय का सीमावर्ती क्षेत्रों से संपर्क कट गया। वहीं, कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले में शेर नाला और सूर्या नाला में पानी के अधिक प्रवाह से हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज राज्य मार्ग बाधित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, मलबा आने से बंद हुई सड़कों को खोलने की कार्रवाई की जा रही है। ताकि वाहनों की आवाजाही शुरू हो और लोगों को राहत मिल सके। इस साल प्रदेश में पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक बारिश हो रही है। वह खुद आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और राहत व बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सड़क, बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
इन जिलों में इतनी सड़कें हुई बंद-लोक निर्माण विभाग के तहत चार राष्ट्रीय राजमार्ग, 14 राज्य मार्ग, नौ मुख्य जिला मार्ग, सात अन्य जिला मार्ग एवं 69 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। जबकि बीआरओ के तहत एक राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पीएमजीएसवाई के तहत 156 सड़कें बंद हैं। इसमें पौड़ी जिले में 27 मोटर मार्ग बंद हैं। वहीं, टिहरी जिले में 20, चमोली में 58, रुद्रप्रयाग में 46, उत्तरकाशी में 38, देहरादून में 13, हरिद्वार में एक, पिथौरागढ़ में 26, चंपावत में दो, अल्मोड़ा में 12, बागेश्वर में आठ एवं नैनीताल जिले में नौ सड़कें बंद हैं।
प्रदेश में बंद सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। कई बार सड़कें खुल रही हैं, लेकिन बारिश के बाद मलबा आने से फिर से बंद हो रही हैं, विभाग की ओर से इसके लिए जगह-जगह मशीनें लगाई गई हैं। – राजेश शर्मा, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग



