हजारीबाग

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर के नेतृत्व में हजारीबाग में पोश एक्ट पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

हजारीबाग राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की माननीय अध्यक्षा विजया रहाटकर एवं माननीय सदस्यगण डेलिना खोंगडुप, डॉ. अर्चना मजूमदार व ममता कुमारी हजारीबाग जिले के दौरे पर रहीं। इस क्रम में मंगलवार को नगर निगम सभागार में प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला “कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग फॉर लोकल कमिटी और इंटरनल कमिटी अंडर पोश एक्ट” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय अध्यक्षा विजया रहाटकर, आयोग की माननीय सदस्यगण,उपविकास आयुक्त इश्तियाक अहमद, नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए माननीय अध्यक्षा विजया रहाटकर ने उपस्थित महिला एवं पुरुष अधिकारियों, क्षेत्रीय समिति के सदस्यों तथा प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित पोश अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद स्थापित कर उनके प्रश्नों एवं समस्याओं के समाधान किए। माननीय अध्यक्षा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की केवल रक्षा ही नहीं, बल्कि उनकी गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसा वातावरण बनाना आवश्यक है, जहां महिलाएं बिना डर और भेदभाव के अपने दायित्वों का निर्वहन स्वतंत्र रूप से कर सकें। उन्होंने क्षेत्रीय समिति के पदाधिकारियों एवं सभी अधिकारियों को कार्यस्थल पर आत्ममंथन और नवाचार करने की सलाह दी। उन्होंने महिला आयोग के क्षेत्रीय पदाधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि क्षेत्र में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने तथा न्यायिक प्रक्रिया से लाचार एवं उत्पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कानून ने महिला आयोग को व्यापक अधिकार दिए हैं, जिनमें सिविल कोर्ट की शक्तियां भी शामिल हैं। आयोग के पास आए मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच से ही लोगों का विश्वास महिला आयोग पर मजबूत होगा। माननीय अध्यक्षा ने यह भी कहा कि शिकायत करने वाली महिलाओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्ण गोपनीयता बरतनी चाहिए, ताकि वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें। सभी मामलों की जांच विधि एवं नियमों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रतिबद्ध राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महिला समिति ही उत्पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाकर उनका विश्वास जीत सकती है। राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महिला आयोग के निर्देशों के अनुपालन तथा आपसी सौहार्दपूर्ण व्यवहार से समाज में सकारात्मक सांस्कृतिक बदलाव संभव है।
अंत में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी पोश कानून की जानकारी सरल एवं आम बोलचाल की भाषा में दी जाए, ताकि कानून को सही तरीके से समझा जा सके। आयोग के पास प्राप्त मामलों की समय पर रिपोर्टिंग एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा कि अधिकारियों की ईमानदारी ही महिलाओं के विश्वास को मजबूत करती है। कार्यशाला में उपरोक्त के अलावा उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सामान्य शाखा प्रभारी, सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक, प्रमंडल के सात जिला के क्षेत्रीय समिति एवं जिला आंतरिक समिति के प्रतिभागी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

 

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