मुरादाबाद

विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में उजागर हुई खामियां, अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। पंचायत विभाग की योजनाओं की प्रगति को लेकर जूम वीसी समीक्षा बैठक में कई जनपदों की लापरवाहियां सामने आईं।बैठक की अध्यक्षता कर रहे उप निदेशक ने अमरोहा डीपीआरओ से कार्य में लापरवाही के बरतने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें निर्माण कार्यों में देरी, भुगतान में लापरवाही और सीएम डैशबोर्ड पर कमजोर प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों को कठोर निर्देश दिए गए।कार्य आरंभ नहीं होने वाले गांव के संबंधित ग्राम पंचायत के वेतन रोकने निर्देश जारी
ग्राम पंचायत का अगस्त माह का वेतन रोकने के आदेश दिए गए। 
सोमवार को उप निदेशक अभय कुमार यादव ने बताया कि  संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत और सचिव ग्राम पंचायत का अगस्त माह का वेतन रोकने के आदेश दिए गए। साथ ही कहा गया कि जब तक कार्य पूरे नहीं होंगे, वेतन निर्गत नहीं किया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड पर संभल सबसे पीछे बैठक में बताया गया कि जनपद संभल लगातार तीन माह से सीएम दर्पण डैशबोर्ड में “डी” श्रेणी में है। इसे बेहद खराब स्थिति बताते हुए दोनों जिला परियोजना प्रबंधकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया कि भुगतान में लापरवाही बरतने वाले सचिवों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अमरोहा की प्रगति भी बेहद खराब रही। यहां अब तक 2 अंत्येष्टि स्थल और 1 बहुउद्देशीय पंचायत भवन का आवंटन तक नहीं हो सका है। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी अमरोहा से स्पष्टिकरण मांगा गया है।
ग्राम सचिवालय और जनसुनवाई पोर्टल पर भी मिली चेतावनी
ग्राम सचिवालय संचालन और पंचायत सहायकों को वीएलई बनाए जाने की प्रगति संभल और रामपुर में सबसे कम पाई गई। निर्देश दिया गया कि हर माह निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट तैयार कर मंडल कार्यालय को भेजी जाए।साथ ही, जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर जोर दिया गया। स्पष्ट कहा गया कि मात्र सचिव ग्राम पंचायत की रिपोर्ट के आधार पर शिकायतें बंद न की जाएं। यदि शिकायतों का समाधान संतोषजनक न हुआ तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं अधिकारियों की होगी।
निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण कार्य अधूरे पाए गए।
जनपद संभल में 10 में से केवल 2,अमरोहा में 9 में से 5,बिजनौर में 13 में से 11,मुरादाबाद में 13 में से 10 निर्माण ही पूरे हो सके।
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