मुरादाबाद

आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए नामित होंगे नोडल अधिकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। कुपोषण उन्मूलन तथा पोषण प्रबंधन की नियमित रूप से मॉनिटरिंग के लिए जनपद स्तर पर गठित जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
डीएम ने कहा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर अभिभावकों को भी संवेदनशील बनाया जाए
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय से आंगनबाड़ी के केंद्रों पर विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड के 20 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन करके उन पर आयोजित होने वाली गतिविधियों और संसाधनों की उपलब्धता का सत्यापन करने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। डीएम ने कहा कि, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनाने के लिए आयोजित होने वाली पेरेंट्स टीचर मीटिंग्स के दौरान बच्चे की बेहतर आदतों और उसके स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर अभिभावकों को भी संवेदनशील बनाया जाए। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर वेइंग मशीन नहीं है वहां ग्राम पंचायत स्तर से यथाशीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया।
डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जरूरी निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि, वीएचएसएनडी सत्र के दौरान मानक के अनुरूप सभी जरूरी संसाधन मौजूद रहें ताकि किशोरी, महिलाओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग की जा सके। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए की ऐसी आशाएं जिन्होंने विगत कई माह से एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया है उन्हें चिन्हितकरते हुए कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने मातृत्व वंदन योजना की प्रगति को लेकर भी जानकारी प्राप्त की तथा कहा कि योजना के अंतर्गत पारदर्शी प्रक्रिया के साथ लाभार्थियों का चयन होना चाहिए तथा उन्हें लाभ मिले।जिलाधिकारी ने समय-समय पर आयोजित होने वाले दस्तक अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का बेहतर समन्वय न होने पर नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने कहा कि, लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी से पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण करने के लिए कहा। पोषण पुनर्वास केंद्र गंभीर अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई है। इसका अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को लाभ मिले इस संबंध में जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जरूरी निर्देश दिए।
वित्त वर्ष 2025-26 में जिले में 11 आंगनवाड़ी भवन बनाए जाने हैं। इसके संबंध में उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करते हुए यथाशीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शैलेंद्र कुमार राय सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
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