बेतुल
व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण में भ्रष्टाचारियों की बल्ले बल्ले जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल की जनता का यह दुर्भाग्य रहा है कि उनके द्वारा जिस भी जनप्रतिनिधियों को चुनकर भेजा गया है उनके द्वारा उन्हें सब्ज बाग दिखाते हुए उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ ही किया गया है ऐसा ही एक खिलवाड़ व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण कार्य में देखा जा रहा है।शहर में बन रही व्हाईट टॉप सडक़ तकनीकी मापदंड हर मामले में फेल नजर आ रही है। यह बात और है कि आम नागारिकों को तकनीकी ज्ञान ना होने के फायदा उठाते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल एसडीओ परमार और इंजीनियर विकास गौर तथा ठेकेदार कपिल शर्मा द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यहां पर जिस तरह से सडक़ की गु़णवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है उसमें स्पष्ट तौर पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की जिम्मेदारी है जो सडक़ निर्माण करने वाली ठेका कंपनी को स्टीमेट के विपरीत काम करने का मौका दे रहे है तथा ठेकेदार कपिल शर्मा को पूरा संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी में यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ परमार और इंजीनियर विकास गौर के पास है। दोनों ही सडक़ निर्माण के समय रात के समय भी मौके पर मौजूद नहीं दिखाई नहीं देते है। वर्तमान में सडक़ निर्माण के मटेरियल में चोरी के आरोप लग रहे है। जो निर्माण से जुड़े इंजीनियर है उनका कहना है कि स्टीमेट और ड्राईंग डिजाईन के अनुसार सडक़ की मोटाई 200 एमएम होना चाहिए, लेकिन अब तक जो सडक़ बनी है उसमें कहीं पर 150 एमएम तो कहीं पर 120 एमएम की कास्टिंग किया जाना नजर आता है। यह एक तरह से वित्तीय गड़बड़ी की श्रेणी में आता है। लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उईके एवं भाजपा के स्थानीय नेताओं के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। आखिर क्या बात है कि व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण में खुला भ्रष्टाचार देखने/दिखाने के बावजूद भी डबल इंजन की सरकार खामोश बैठी हुई है क्या उनकी खामोशी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि यह सारा कार्यक्रम प्रायोजित है।कहीं ना कहीं कोई ना कोई बात है आम जनता पूछ रही है।



