बिजनौर
जिलाधिकारी ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जिला अस्पताल का ओचक निरीक्षण किया। यहां काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि ब्लड बैंक और डायलिसिस जैसे विभागों में बहुत लापरवाही बरती जा रही है जिसके चलते कुछ समय पहले डायलिसिस विभाग में बिजली भागने पर एक मरीज की इलाज न मिलने पर मौत हो गई थी। जिससे यह मामला बहुत गर्माया था मंगलवार को जिलाधिकारी ने इसको ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में सबसे पहले ब्लड बैंक में पूरी जांच पड़ताल की तथा उसके बाद डायलिसिस विभाग में एक-एक रजिस्टर को चेक किया और संबंधित विभाग को इसे और सुचारू करने के लिए आदेशित किया इसके बाद वह महिला अस्पताल में महिलाओं को कोई असुविधा तो नहीं यह जानकारी लेने के लिए गई और वहां पर सभी मरीजों से वार्ता की। उसके बाद बच्चा वार्ड में भी बच्चों की अच्छी तरह इलाज चल रहा है या नहीं जानकारी करने के लिए गई। जिलाधिकारी को बताया गया कि महिला अस्पताल में मरीज को ऊपर नीचे जाने के लिए लिफ्ट लगी हुई है लेकिन वह पिछले 5 सालों से कार्य नहीं कर रही है और बंद पड़ी है जिलाधिकारी ने इसको भी संज्ञान में लिया और लिफ्ट को कौन सा डिपार्टमेंट देखता है जानकारी करने के आदेश दिए और लिफ्ट को जल्दी ही सही कराकर चलाने के लिए कहा गया। उसी वक्त एक महिला जिला अधिकारी से मिली और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के नाम पर मना कर दिया जाता है इसकी शिकायत की जिस पर जिलाधिकारी ने तुरंत अल्ट्रासाउंड विभाग की भी जांच पड़ताल की और संबंधित सीएमएस को प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड चलाने के आदेश दिए। एक अन्य व्यक्ति द्वारा भी जो दवाइयां वहां बट रही हैं वह एक्सपायर डेट की है उनको भी जिलाधिकारी को दिखाया गया जिलाधिकारी ने इस बारे में सीएमओ कौशलेंद्र सिंह को अवगत कराया और आदेशित किया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने वहां उपचार करा रही महिलाओं से उनके बारे में जानकारी की। वहीं मेडिकल की प्रिंसिपल डा उर्मिला कार्य एवं महिला अस्पताल की सीएमएस डा प्रभारानी के बीच मतभेद दिखाई दिए जो एक दूसरे के बताए गए नियमों का अनुपालन करने में असमर्थ थे तथा एक दूसरे की बात का विरोध करने पर लगी हुई थी।



