खैरथल
लाखों की आमदनी, निजी चौपहिया वाहन – फिर भी खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे अपात्र परिवार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल-तिजारा। खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कई अपात्र परिवार अब भी निःशुल्क गेहूँ उठाकर गरीबों का हक मार रहे हैं। जिले में 1 लाख 43 हजार से अधिक परिवारों के लगभग 6 लाख 24 हजार से अधिक व्यक्ति शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिनमें 5050 परिवार अत्यंत गरीब (अन्त्योदय योजना) श्रेणी के हैं।
केंद्र सरकार के खाद्य विभाग द्वारा आधार डेटा के मिलान में पाया गया कि जिले के 11,596 परिवार अपात्र हैं, फिर भी हर माह लगभग 2,899 क्विंटल गेहूँ निःशुल्क उठा रहे हैं। यह गेहूँ बाजार भाव से करीब 86.68 लाख रुपये का होता है, जिससे केंद्र सरकार को सब्सिडी का भारी बोझ उठाना पड़ रहा है। साथ ही, इसे लाभार्थियों तक पहुंचाने में राज्य सरकार पर भी लाखों रुपये का परिवहन खर्च आ रहा है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार—
• 1,840 परिवार ऐसे हैं जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक है।
• जीएसटी रिकार्ड में 24 परिवारों की आय 24 लाख रुपये प्रतिवर्ष से ज्यादा दर्ज है।
• 1,730 परिवार निजी चौपहिया वाहन का उपयोग कर रहे हैं।
• 2,383 परिवार पिछले 6 से 12 माह से राशन लगातार नहीं उठा रहे।
• 20 परिवार ऐसे भी हैं जिन्होंने एक से अधिक राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
इस प्रकार ये सभी परिवार पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरते, फिर भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। जिला रसद अधिकारी ने बताया की डेटा की जांच जारी है।
राज्य के खाद्य मंत्री सुमित गोदारा द्वारा “गिव अप अभियान” शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत खैरथल जिले में अब तक 47,750 परिवार स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ चुके हैं। मंत्री श्री गोदारा के अनुसार अभियान की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है ताकि और लोग भी स्वेच्छा से लाभ त्याग सकें।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि अभियान समाप्ति के बाद चिन्हित अपात्र परिवारों को नोटिस जारी कर 29 रुपये प्रति किलो की दर से अब तक उठाया गया गेहूँ वसूला जाएगा और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।



