नैमिष नगर योजना: नवरात्रि पर सीतापुर रोड पर भूमि अधिग्रहण का शुभारंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : नवरात्रि के पावन अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी महत्वाकांक्षी नैमिष नगर योजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया। सीतापुर रोड पर प्रस्तावित इस स्मार्ट टाउनशिप परियोजना के तहत पहले चरण में ग्राम पलहरी के तीन भूस्वामियों को मुआवजे के चेक सौंपे गए। यह कदम लखनऊ के उत्तरी हिस्से में नियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुआवजा वितरण का शुभारंभ
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नवरात्रि के पहले दिन भूस्वामियों को कार्यालय में आमंत्रित कर उन्हें मुआवजे के चेक प्रदान किए। ग्राम पलहरी के भूस्वामी आदर्श यादव, अम्बर और विद्यावती ने योजना के लिए लगभग 3 बीघा (0.75 हेक्टेयर) जमीन प्रदान की, जिसके बदले उन्हें 2 करोड़ 30 लाख रुपये का प्रतिकर चेक के माध्यम से वितरित किया गया। यह प्रक्रिया किसानों के सहयोग और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण मॉडल को दर्शाती है।
नैमिष नगर योजना का दायरा
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रस्तावित नैमिष नगर योजना बीकेटी तहसील के 18 गांवों (जैसे भौली, लक्ष्मीपुर, पुरवा, पलहरी आदि) में 1500 हेक्टेयर (लगभग 3700 एकड़) भूमि पर विकसित होगी। इस परियोजना के लिए 4785 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय स्वीकृत हो चुका है। योजना में आधुनिक सुविधाओं जैसे चौड़ी सड़कें, पार्क, स्कूल, अस्पताल, जिम, स्विमिंग पूल और क्लब हाउस शामिल होंगे, जिससे 2-3 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
लैंड पूलिंग मॉडल और मुआवजा नीति
एलडीए ने किसानों की सहमति पर आधारित लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का 4 गुना और शहरी क्षेत्रों में 2 गुना मुआवजा दिया जा रहा है। जुलाई 2025 से शुरू हुई किसानों के साथ बैठकों ने इस प्रक्रिया को गति दी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल लखनऊ का नियोजित विकास करना है, बल्कि किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखना है।”
योजना का महत्व एवं भविष्य की राह
सीतापुर रोड (NH-24) पर रैथा क्षेत्र में स्थित यह परियोजना लखनऊ को दिल्ली, उत्तराखंड और आगरा एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी। यह क्षेत्र अभी तक बड़े पैमाने पर नियोजित विकास से अछूता रहा है। नैमिष नगर योजना न केवल शहरी सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा देगी। एलडीए ने अगले चरणों में और भूस्वामियों को मुआवजा वितरित करने की योजना बनाई है। यह परियोजना लखनऊ को एक आत्मनिर्भर स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर शुरू हुई यह पहल किसानों और प्राधिकरण के बीच विश्वास का प्रतीक है।




