बागपत

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

वैशाली ने शुरू की एक्सक्लूसिव न्यूरोसर्जरी ओपीडी सेवाएं

अब बड़ौत में ही मिलेगा रीढ़ व न्यूरो संबंधी रोगों का विशेषज्ञ परामर्श

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बड़ौत/बागपत :  मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली, ने आज बड़ौत के मेडिसिटी हॉस्पिटल में एक्सक्लूसिव न्यूरोसर्जरी ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की। इन सेवाओं का शुभारंभ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अजय प्रजापति की मौजूदगी में किया गया।

कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. अजय प्रजापति हर महीने के पहले और तीसरे सोमवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मेडिसिटी हॉस्पिटल, बड़ौत में प्राइमरी कंसल्टेशन और फॉलो-अप के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इस अवसर पर डॉ. अजय प्रजापति ने कहा,

“रीढ़ की समस्याएं जैसे लगातार कमर या गर्दन दर्द, स्लिप डिस्क, स्पाइनल डिफॉर्मिटी और इंजरीज़ आज के समय में युवा और बुजुर्ग — दोनों आयु वर्ग में तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी मुख्य वजह लाइफस्टाइल में बदलाव, उम्र बढ़ना और समय पर सही इलाज न मिल पाना है। अगर इन समस्याओं को अनदेखा किया जाए तो यह चलने-फिरने की क्षमता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर असर डाल सकती हैं। इस ओपीडी की शुरुआत से अब मरीजों को बिना लंबा सफर तय किए एक्सपर्ट कंसल्टेशन, सेकंड ओपिनियन और एडवांस ट्रीटमेंट की गाइडेंस यहीं बड़ौत में उपलब्ध होगी।”

उन्होंने आगे कहा,

“अगर किसी को लगातार कमर या गर्दन में दर्द, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, कमजोरी, चलने में दिक्कत या अचानक यूरिन/बॉवेल कंट्रोल खोने जैसे लक्षण दिखें, तो इसे हल्के में न लें। समय पर विशेषज्ञ की सलाह मिलने से रोग का जल्दी निदान और बेहतर इलाज संभव होता है। अधिकतर मामलों में फिजियोथेरेपी, दवाइयां, लाइफस्टाइल में बदलाव और पेन मैनेजमेंट से सुधार हो जाता है, जबकि कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है। आज मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक-असिस्टेड स्पाइन सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों के कारण सर्जरी और भी सुरक्षित, कम दर्दनाक और प्रभावी हो गई है — जिससे मरीज को जल्दी रिकवरी और लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिलते हैं।”

इस नई सुविधा के माध्यम से मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली, अब बड़ौत व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उनके शहर में ही न्यूरोसर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल मरीजों को दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की परेशानी से राहत मिलेगी, बल्कि शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button