असम

असम के दिल की धड़कन जूबिन गर्ग मामले में भाजपा आईटी सेल और SIT की मिलीभगत का आरोप

सांसद गोरव गोगोई का बड़ा बयान। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : कांग्रेस सांसद एवं असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोरव गोगोई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जूबिन गर्ग की मौत की जांच के मामले में भाजपा के आईटी सेल और विशेष जांच टीम (SIT) एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जूबिन गर्ग को न्याय दिलाना इनके लिए प्राथमिकता नहीं है। गोगोई ने जोर देते हुए कहा कि आज असम के लोगों की एकमात्र मांग जूबिन गर्ग को न्याय दिलाना है, और सरकार को निष्पक्ष तथा सही जांच करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा आईटी सेल की आलोचना करते हुए कहा कि उनका ध्यान न्याय सुनिश्चित करने के बजाय श्यामकानु महंत को बचाने पर है। गोगोई ने कहा, “आईटी सेल और SIT एक साथ काम करते हुए लगते हैं और वे तथ्यों के बजाय व्यक्तिगत चरित्र पर ध्यान दे रहे हैं। हम उनसे नैतिकता सीखने नहीं आए हैं और न ही मुख्यमंत्री से ऐसी उम्मीद रखते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक SIT ने सिंगापुर या यॉट में क्या हुआ, इसकी जांच के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। गोगोई ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा श्यामकानु महंत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनके परिवारों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने गहरी भावनाओं के साथ कहा, “हम अब भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि जूबिन गर्ग हमारे बीच नहीं हैं। मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि तुरंत जांच पूरी कर न्याय प्रदान करें। “उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग न्याय की मांग करने वालों को डराने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अगले विधानसभा चुनाव में जनता जवाब देगी। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि जूबिन गर्ग की मौत की जांच के लिए असम पुलिस का दल सिंगापुर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार कोई देश की पुलिस दूसरे देश में जाकर जांच नहीं कर सकती। सिंगापुर पुलिस पहले ही मामले की जांच शुरू कर चुकी है और संबंधित सबूत भारत भेजेगी। इस बीच, आम आदमी पार्टी के असम अध्यक्ष भवेंन चौधरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह नहीं बता पा रहे हैं कि जूबिन गर्ग की मौत कैसे हुई, लेकिन उन्हें मालूम है कि गोरव गोगोई पाकिस्तान जाकर क्या कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि असम सरकार की SIT पाकिस्तान तो जा सकती है, लेकिन सिंगापुर क्यों नहीं। उन्होंने इस पूरे मामले को रहस्यमय करार दिया।

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