बालाघाट
99% आदिवासी वन अधिकार पट्टे से वंचित
जिले के आदिवासीयों ने 'घेरा डालो-डेरा डालो' आंदोलन किया शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बालाघाट जिला मुख्यालय के अम्बेडकर चौक में आदिवासियों ने वनाधिकार पट्टों की मांग को लेकर जिले भर से ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया है। आदिवासी संगठनों का आरोप है कि जिले के 90 प्रतिशत आदिवासियों को अभी तक वनाधिकार पट्टे नहीं मिले हैं, जबकि उनके सामूहिक और व्यक्तिगत दावों को रद्द किया जा रहा है। इसके अलावा कान्हा क्षेत्र के तीन गांवों के विस्थापन को लेकर भी नाराजगी है।
जिले के सभी आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर बुधवार और गुरुवार को इस आंदोलन का आह्वान किया है। इसके तहत आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को बुलाकर उनकी समस्याओं को सार्वजनिक जनसुनवाई के माध्यम से सुना जा रहा है। इन समस्याओं को एकत्रित कर गुरुवार को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अंबेडकर चौक रैली के रूप में पहुंचे
आंदोलन के पहले दिन बुधवार को हजारों आदिवासी अंबेडकर चौक पर रैली के रूप में पहुंचे। यहां एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें वनग्रामों और जिले के बैहर, परसवाड़ा, बिरसा, कटंगी तथा लांजी क्षेत्रों से आए आदिवासी समाज ने अपनी काबिज भूमि के पट्टों की मांग रखी।
5 हजार आदिवासी शामिल
मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि आंदोलन के पहले दिन पूरे जिले से लगभग 5 हजार आदिवासी शामिल हुए।
इन्होने कहा:-
*”आदिवासियों के सामूहिक और व्यक्तिगत पट्टों के दावों को रद्द कर दिया गया है। 90 प्रतिशत आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे नहीं मिले हैं, बल्कि उन्हें विस्थापन के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसके कारण वे पलायन कर रहे हैं।”*
दिनेश धुर्वे
जिलाध्यक्ष
म0प्र0आदिवासी विकास परिषद




