मुरादाबाद

मुरादाबाद में सांसों पर बोझ बना धुआं

आंकड़ों में घटा प्रदूषण पर अस्पतालों में बढ़े मरीज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। दिवाली की रौनक के बाद अब शहर की हवा में घुटन बढ़ ई है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार वायु प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम रहा, लेकिन लोगों को राहत महसूस नहीं हो रही। दिवाली के बाद से हवा में धुआं और धुंध घुली हुई है, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ गई है
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 285 दर्ज किया गया
जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में खांसी, जुकाम, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक, पटाखों के धुएं और वाहन प्रदूषण से हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों की मात्रा बढ़ी है, जो फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की रफ्तार धीमी होने और नमी बढ़ने से प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने हुए हैं। इस वजह से सुबह और शाम के समय हवा और भारी लग रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, इस बार दिवाली के अगले दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 285 दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह 340 के पार था। यानी आंकड़ों में सुधार जरूर दिख रहा है, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। जिला अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता के अनुसार, “दिवाली के बाद मरीजों की संख्या करीब 25 फीसदी बढ़ी है। अधिकतर मरीज सांस फूलने, एलर्जी और गले में जलन की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह सैर या खुले में व्यायाम से फिलहाल परहेज करें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाएं और घरों में पौधों की संख्या बढ़ाएं। साथ ही वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें ताकि मुरादाबाद की हवा में फिर से ताजगी लौट सके।
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