खैरथल
खैरथल तिजारा जिले का नाम भर्तृहरि नगर रखने के विरोध में 78 वें दिन से जारी आंदोलन जारी
पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत पहुंची धरना स्थल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल : खैरथल तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर रखने और जिला मुख्यालय को बदलने के प्रस्ताव के विरोध में पिछले 78 दिनों से चल रहा जन आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. जिला बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले यह धरना 78वें दिन भी नई अनाज मंडी के पार्क में जारी रहा. समिति के सदस्यों ने कहा कि जब तक सरकार अपनी घोषणा वापस नहीं लेती और जनता की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा
गुरूवार को धरने पर दीपचंद खैरिया, गिरीश डाटा,अखलेश कौशिक,रामकरण चौधरी, प्रभूदयाल सेवादल,मांगे राम चौधरी, संदीप पाटिल, उमाकांत वशिष्ट,रामप्रसाद मातोर,आजाद खान,तैय्यब खां न,संजय महावर,कप्तान चौधरी,पदम चंद सैन,जसवंत यादव देवता,निक्की प्रजापत,रेखा शर्मा,गोमति देवी,शिवानी शर्मा,महेश वासु,अभिषेक हेड़ाऊ, मेहरुद्दीन खां,अमनदीप सिंह,वीर सिंह ढ़िल्लन, दीपक चौधरी,सहित बडी संख्या मे ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवई
*पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने बढ़ाया हौसला
आंदोलन के समर्थन मे पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत भी गुरूवार को धरना स्थल पर पहुंची धरनार्थियों का हौसला बढ़ाया इस अवसर पर रावत ने कहा गेहलोत सरकार ने जिला बनाने का फैसला लोगों को होने वाली परेशानियां दूर करने के लिए लिया था भाजपा सरकार को जिले का विकास करना चाहिए था ये नाम व मुख्यालय बदलने मे लगे है दो साल से विकास कार्य ठप्प पड़े है जो कार्य पिछली सरकार ने शुरू किए वो भी इनसे पूरे नही हो रहे है 78 दिन से लोग आंदोलन पर है क्या सरकार की कोई जुम्मेवारी नही?लोगो से संवाद करना चाहिए सरकार की संवेदनहीनता सही नही है
विधायक दीपचंद खैरिया ने कहा भाजपा सरकार ने कोई एक काम क्षेत्र मे किया हो तो बता दें पूर्व मे हमारे किए कामों पर पत्थर लगा वाहवही लूटी जा रही है।
जिला बचाओ संघर्ष समिति के सर्वेश गुप्ता ने कहा सर्वेश गुप्ता ने कहा जिले का नाम और मुख्यालय के लिए संघर्ष जारी रहेगा चाहे संघर्ष कितना लम्बा चले,क्षेत्र की जनता तय कर चुकी है जिला खैरथल-तिजारा. …हक हमारा
*ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़”
धरने पर बैठे लोगो ने बताया कि जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहचान से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है.

