जुबिन गर्ग के सपनों की फ़िल्म ‘रोइ रोइ बिनाले’ — असम में अभूतपूर्व प्रदर्शन।
‘‘रोइ रोइ बिनाले’’: इतिहास में दर्ज हुआ अद्वितीय उत्साह और भीड़।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : हाल ही में रहस्यमय परिस्थितियों में सिंगापुर में मौत हुए असम और असमिया के दिल की धड़कन, लोकप्रिय महान कलाकार जुबिन गर्ग की अंतिम फ़िल्म ‘’‘रोइ रोइ बिनाले’’ 31 अक्टूबर 2025 को गुवाहाटी सहित पूरे असम और देश के पचास से अधिक सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ हुई। फ़िल्म के प्रदर्शन के पहले ही दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुँच गया था, और रिलीज़ के दिन सिनेमाघर दर्शकों की भीड़ से खचाखच भर गए। रिलीज़ से पहले ही असम में इस फ़िल्म को लेकर भावनात्मक लहर दौड़ पड़ी थी। सोशल मीडिया पर जुबिन गर्ग द्वारा खुद लिखे गए संदेश, जिसमें उन्होंने दर्शकों से ‘‘रोइ रोइ बिनाले’’ देखने का आग्रह किया था, तेज़ी से वायरल हुए। यह भावनात्मक और संगीत से सराबोर रचना दर्शकों के दिल में गहरी छाप छोड़ रही है। फ़िल्म की कहानी और संगीत में जुबिन ने अपने 17 साल पुराने सपने को साकार किया है। उन्होंने इस फ़िल्म में एक अंधे गायक ‘राउल’ की भूमिका निभाई है, जो पूरी कहानी का केंद्र है। फ़िल्म के ऑनलाइन टिकट खुलते ही कई सिनेमाघरों में शो Sold Out हो गए। गुवाहाटी और अन्य शहरों में दर्शकों का उत्साह इतना अधिक था कि कई जगह लोग सीट न मिलने पर अपनी चादर और बिस्तर लेकर फ़र्श पर बैठकर फ़िल्म देखने के लिए तैयार हो गए।रिलीज़ के दिन गुवाहाटी के मेट्रिक्स सिनेमाघर में सुबह के 4:25 बजे पहला शो रखा गया, जहाँ दर्शकों ने जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया। असमिया सिनेमा के 90 वर्षों के इतिहास में किसी फ़िल्म के प्रति इतनी भावनात्मक प्रतिक्रिया पहले कभी नहीं देखी गई थी। फ़िल्म की सारी टिकट आय पर जो GST राजस्व प्राप्त होगा, उसे कलागुरु आर्टिस्ट फ़ाउंडेशन को दान करने का निर्णय इस अवसर को और अधिक अर्थपूर्ण बनाता है। जुबिन गर्ग की अनुपस्थिति के बावजूद, उनकी इस सपनों की रचना ‘‘रोइ रोइ बिनाले’’ ने समूचे असम को भावनाओं के बंधन में बाँध दिया है। सभी जुबिन गर्ग की आकस्मिक मृत्यु के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। यह क्षण असमिया समाज की स्मृतियों में लंबे समय तक एक सुनहरा इतिहास बनकर जीवित रहेगा।



