लक्ष्मण तुमसरे को पंचायत कि शिकायत करना पड़ा महंगा
घर के सामने खोदा "जानलेवा गड्ढा"-प्रशासन पर ना-इंसाफी का आरोप

गड्डे में जलभराव के चलते मार रहा बदबू-दिखा रहा स्वच्छता अभियान को ठेंगा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बालाघाट जिले की लालबर्रा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ग्राम के जागरूक नागरिक लक्ष्मण तुमसरे को कथित तौर पर भ्रष्टाचार की शिकायत करने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। तुमसरे का आरोप है कि पुलिस,राजस्व और पंचायत विभाग ने दुर्भावनापूर्वक उनके घर के सामने एक जानलेवा 15 फिट का गहरा गड्ढा खोद दिया है, जिसमें गांव का गंदा पानी जमा हो रहा है और भयंकर बदबू मार रहा है जिस वजह से रहना दुभर हो गया है तथा बदबू दार पानी से घर के लोग बीमार भी पढ़ रहे हैं।
*पूरा मामला*
गरीब और जागरूक नागरिक लक्ष्मण तुमसरे ने तत्कालीन और वर्तमान सरपंच-सचिव द्वारा सीसी (कंक्रीट) नाली निर्माण में बरती गई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन 181 के माध्यम से की थी। शिकायत के बाद, प्रशासन पर लक्ष्मण तुमसरे की आवाज को दबाने और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लग रहा है। मीडिया ने जब ग्राम पंचायत बम्हनी पहुंचकर मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया,तो पाया कि वास्तव में प्रशासन द्वारा तुमसरे के साथ ना-इंसाफी की गई है।
*स्वच्छता अभियान को ठेंगा*
शिकायतकर्ता लक्ष्मण तुमसरे की आवाज दबाने की मंशा से उनके घर के सामने एक जानलेवा गहरा गड्ढा खोद दिया गया है। इस गड्ढे में गांव का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है,जिससे चारों ओर सड़न और भयंकर बदबू फैल रही है।बदबू और गंदगी के बीच तुमसरे का परिवार कैसे निवास कर रहा है,यह सोचने का विषय है। यह कार्रवाई एक ओर सरकार के स्वच्छता अभियान को खुले तौर पर ठेंगा दिखाती है,वहीं दूसरी ओर लालबर्रा प्रशासन की ओछी मानसिकता को उजागर करती है।
*बहिष्कृत भी किया गया*
इतना ही नहीं,लक्ष्मण तुमसरे का परिवार कथित तौर पर 22 माह से भी अधिक समय से ग्राम के सर्व समाज से भी बहिष्कृत कर दिया गया है। तथा यह बहिष्कृत वाली कार्यवाही गांव के ही बीस सदस्यों के द्वारा गांव के सीधे साधे लोगों को विश्वास में लेकर कि गई है तब से लेकर आज तक गांव के किसी भी सामाजिक व अन्य किसी भी कार्यक्रम में इन्हें शामिल नहीं किया जा रहा है ऐसा आरोप लक्ष्मण तुमसरे का है यह दिखाता है कि प्रशासन और सर्व समाज के दबाव में गरीब तुमसरे की मुश्किलें कितनी बढ़ गई हैं।
*कलेक्टर से आस*
इस पूरे मामले में लालबर्रा प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने और गरीब लक्ष्मण तुमसरे की आवाज दबाने का प्रयास करने का आरोप है। पीड़ित परिवार और मीडिया की मांग है कि जिला प्रशासन को मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
कलेक्टर स्वयं पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा की तरह अपने हाथों में कमान संभालें और बम्हनी पहुंचकर मामले की जांच करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। शिकायतकर्ता की आवाज दबाने की मंशा से खोदे गए जानलेवा गड्ढे को तुरंत भरा जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। गरीब लक्ष्मण तुमसरे अब केवल कलेक्टर महोदय से ही न्याय की आश लगाए बैठे हैं।
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