पैरेंट्स कौंसिलिंग कार्यक्रम में अभिभावकों को दी गई दिव्यांग बच्चों के हितार्थ योजनाओं की जानकारी
दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, उनके साथ मधुर व्यवहार सबसे जरूरी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी भादर। ब्लाक संसाधन केंद्र भादर में गुरुवार को दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए तृतीय चरण का पैरेंट्स कौंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों को दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। 13नवम्बर को भेंटुआ और 14नवम्बर को तिलोई में ब्लाक स्तरीय मेडिकल एसेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। कैम्प में दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरी कृत्रिम उपकरणों के बारे में सुझाव दिए जायेंगे। दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पैरेंट्स कौंसिलिंग कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव भारती और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष कृष्ण कुमार पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, उनके साथ मधुर व्यवहार और उनकी रूचि के अनुसार शैक्षिक गतिविधियों के आयोजन जरूरी है। सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई करते समय और खेल कूद में उनके बीच अनचाहे संदेश नहीं जाने चाहिए
पूर्ण रूपेण दृष्टि बाधित गेस्ट टीचर राम सूरत यादव ने दृष्टि बाधितों के लिए ए आई और डिजिटल पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दी और कहा कि ब्रेल लिपि की जरूरत अभी भी बनी हुई है। आनलाइन पाठ्यक्रम से दिव्यांग बच्चों को सीखने में पूरी मदद नहीं कर पा रहा है।
स्पेशल एजूकेटर सत्य प्रकाश ने दिव्यांगता के प्रकार के बारे में जानकारी दी और कहा कि अब दिव्यांगता 21प्रकार की हो गई है।
दिव्यांग बच्चों के लिए स्कार्ट एलाउंस और स्टाइपेंड दो प्रकार की छात्रवृत्ति दी जा रही है।अति गंभीर दिव्यांग बच्चों के लिए 6000रु वार्षिक और बालिकाओं के लिए 2000रु स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
दिव्यांग उपकरण एलिम्को कानपुर और समाज कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं।
दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए स्वालम्बन वेबसाइट पर आवेदन पत्र को अपलोड करें, आधार कार्ड और फोटो के साथ आनलाइन आवेदन करें।यू डी आई डी कार्ड जारी होने के बाद जिला चिकित्सालय से दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।
गेस्ट टीचर माता प्रसाद, स्पेशल एजूकेटर आभा पाठक, प्रिया सिंह, अंजलि पाठक, अभिभावक अखिलेश सिंह, शिवकरन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

