
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा (गोड्डा) : महागामा नगर क्षेत्र के महुआरा मैदान में चल रहे श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ एवं रामकथा महोत्सव के पांचवें दिन रविवार को कथा व्यास देवी अनीता रक्षा जी ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया।उन्होंने बताया कि कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राजसुख त्यागकर वनवास का वरण किया।कथा के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत राम लला चले वन को, राम नाम सुखदाई जैसे भजनों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।इस दौरान स्थानीय कलाकारों के द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन प्रसंग पर आधारित विभिन्न झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।मंच पर चित्रित दृश्यों में त्याग, मर्यादा और धर्मपालन की प्रेरक झलक देखने को मिली।यज्ञ स्थल पर दिनभर पूजा-अर्चना, हवन और भजन संध्या का आयोजन हुआ। यज्ञ समिति के मुख्य यजमान राजीव रंजन भगत, प्रीति देवी व सदस्य निर्मल केसरी, प्रमोद कुमार, रितिक कुमार सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि नवदिवसीय श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ एवं रामकथा महोत्सव 14 नवंबर तक चलेगा।श्रद्धालुओं के लिए भंडारा, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था की गई है।भक्तों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, भक्ति और आपसी सौहार्द को सशक्त बनाते हैं।




