
खाद व्यापारी लोकेश ने अपने परिचित अशोक को मिलने लाल किले पर बुलाया था, इसी बीच हो गया ब्लास्ट
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
दिल्ली ब्लास्ट में डीटीसी के संविदा परिचालक अमरोहा कोतवाली हसनपुर क्षेत्र के गांव मंगरौला निवासी अशोक के संग शहर के खाद कारोबारी लोकेश अग्रवाल की भी मौत हुई थी। माना जा रहा है कि कि लोकेश ने ही अपने परिचित अशोक को मिलने के लिए लाल किले के नजदीक बुलाया था। इसी बीच एक कार में ब्लास्ट होने से दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर लाए गए हैं। परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। गंगा घाट पर शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक नगर निवासी लोकेश अग्रवाल शहर के रहरा अड्डे पर खाद की दुकान चलाते थे। बताया जा रहा है कि उनकी समधन पिछले कई दिन से बीमार हैं और दिल्ली के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। वह सोमवार सुबह अपनी समधन को देखने के लिए दिल्ली गए थे। लोकेश के बेटे गौरव अग्रवाल का कहना है कि सोमवार रात 9 बजे के बाद उनके पास दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का फोन आया। उसने बताया कि लोकेश अग्रवाल का फोन घटनास्थल के पास मिला है। घटना के बाद से लोकेश अग्रवाल ने परिजनों से भी कोई संपर्क नहीं किया। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वहां मोरचरी में रखे उनके शव को परिजनों ने देखते ही पहचान लिया। परिवार में कोहराम मच गया। इस ब्लास्ट में मंगरौला निवासी डीटीसी बस के परिचालक क्षेत्र के गांव मंगरौला निवासी अशोक पुत्र जगवंश गुर्जर की भी मौत हुई है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक अशोक के पिता जगवंश से लोकेश की दोस्ती थी। इसी नाते वह अशोक से स्नेह रखते थे। अशोक ने कुछ समय तक लोकेश की बस भी चलाई थी। लाेकेश के परिवार में दो बेटे सौरभ व गौरव हैं। सौरभ देहरादून में वैज्ञानिक है जबकि, उसकी पत्नी देहरादून में बीडीओ है। गौरव इंजीनियर है।




