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दिल्ली ब्लास्ट में नया खुलासा

किराए के कमरे में ब्रेनवॉश...ऐन मौके पर जसीर ने किया फिदायीन हमला करने से इनकार

दिल्ली । सफेदपोश डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल को एक और राज खुला है। बम धमाके के मास्टरमाइंड उमर ने एक और छात्र का फिदायीन हमला करने के लिए ब्रेनवॉश किया था, लेकिन छात्र ने ऐन मौके पर इनकार कर दिया था। उसने हवाला दिया था कि इस्लाम में खुदकुशी जायज नहीं है।
सफेदपोश डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल को लेकर एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर नबी पिछले साल से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। जांच अधिकारियों ने रविवार को दावा किया कि दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए आरोपी जसीर उर्फ दानिश से पूछताछ में पता चला कि डॉ. उमर घोर कट्टरपंथी था। वह इस बात पर लगातार जोर देता था कि आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए एक आत्मघाती हमलावर की जरूरत थी।
आतंकियों की साजिश उस समय विफल हो गई जब ऐन मौके पर जसीर उर्फ दानिश ने फिदायीन दस्ते में शामिल होने से मना कर दिया था। जसीर ने इस्लाम में खुदकुशी वर्जित होने का हवाला देते हुए सुसाइड बॉम्बर बनने से इनकार कर दिया था।
पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि दिल्ली बम धमाके के मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी ने जसीर का ब्रेनवॉश किया था। उसे आत्मघाती हमलावर बनने के लिए राजी किया था। फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार डॉक्टरों ने पूछताछ में यह भी बताया था कि राजनीति विज्ञान के छात्र जसीर को उमर ने 2023 से ही सुसाइड बॉम्बर के लिए कट्टरपंथी बनाया जा रहा था। 2025 में जब उसे हमला करने के लिए कहा गया तो जसीर ने इनकार कर दिया था कि इस्लाम में आत्महत्या करना गुनाह है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास एक किराए के मकान में डॉ. उमर ने आत्मघाती हमला करने के लिए कई महीनों तक जसीर का ब्रेनवॉश किया था। अप्रैल 2025 में जसीर पीछे हट गया तो आतंकियों की यह योजना फेल हो गई। आपको बता दें कि आतंकी डॉ. उमर नबी ने दिल्ली में लाल किले के पास में कार से धमाका किया गया था। धमाके में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का इलाज जारी है।
लाल किला मेट्रो के सामने कार बम धमाका करने वाले डॉ. उमर उन नबी के फोन में पुलिस को फिदायीन हमले को महिमामंडित करने वाला वीडियो मिला है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उमर का यह फोन बरामद किया है। उमर ने आत्मघाती हमले के बारे में बात करते हुए अपने कई वीडियो बनाए और दावा किया कि इस तरह का काम धर्म में सबसे प्रशंसनीय है।
उमर का ऐसा ही लगभग दो मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो देखकर एजंसियां मान रही कि लोगों के दिमाग में जहर भरने के लिए उमर ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करता था। वीडियो के दौरान उमर एक कमरे में अकेला कुर्सी पर बैठकर फिदायीन हमले पर अपनी राय रखता दिख रहा है। उमर कहता है सुसाइड बांबिंग बहुत गलत समझे जाने वाले विचारों में से एक है।
यह दरअसल शहादत का अभियान है। वीडियो के दौरान उसके चेहरे पर किसी तरह की कोई परेशानी या डर नहीं है। हालांकि रिकॉर्डिंग के दौरान वह कई बार लड़खड़ाता भी दिख रहा है और फिर अचानक वीडियो समाप्त कर देता है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह महत्वपूर्ण सबूत उमर के भाई जहूर इलाही को हिरासत में लिए जाने और उससे पूछताछ के बाद सामने आया। जब इस पूरे सफेदपोश आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ होने आरंभ हुआ तो इलाही को श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीवी संदीप चक्रवर्ती की ओर से गठित एक विशेष टीम ने गिरफ्तार किया।
शुरूआत में उसने पूरे मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की लेकिन बाद में यह कबूल किया कि उमर 26 से 29 अक्तूबर के बीच कश्मीर घाटी में था। उसने उसे यह मोबाइल फोन यह कहकर दिया था कि अगर उसके बारे में कोई खबर सामने आए, तो इसे पानी में फेंक देना। बाद में इलाही पुलिस टीम को उस जगह ले गया जहां उसने फोन को फेंका था।
फोन क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन फोरेंसिक विशेषज्ञ इससे महत्वपूर्ण जानकारी निकालने में कामयाब रहे। इससे पता चला कि उमर हिंसक चरमपंथी सामग्री के संपर्क में आने के कारण कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हुआ था। वह इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अल-कायदा की ओर से जारी आत्मघाती बम विस्फोटों से संबंधित कट्टरपंथी वीडियो देखा करता था। इसके बाद ही उसने अपने भी वीडियो बनाए और आत्मघाती हमले को शहादत बताते हुए इसका महिमामंडन किया।
अधिकारियों के अनुसार उमर के ये वीडियो अप्रैल में शूट किए गए थे, जिसमें वह भारी लहजे में बोल रहा था। इनमें उसने कहा कि जिहाद के संदर्भ में ऐसी कार्रवाइयां न केवल जायज, बल्कि सराहनीय हैं। पुलिस के अनुसार यह वीडियो एक बड़े संग्रह का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच के लिए फोन राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि एनआईए जल्द ही उसके भाई को हिरासत में ले लेगी।
एजेंसियां मान रही हैं कि उमर कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले इस नेटवर्क का सबसे कट्टरपंथी और प्रमुख सदस्य था। अब तक मिले सबूतों के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि उमर एक शक्तिशाली वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (वीबीआईईडी) विस्फोट की योजना बना रहा था, जो संभवत: 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के आसपास, किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या धार्मिक महत्व के स्थान को निशाना बनाकर किया जाना था।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष एनआईए अदालत ने 10 नवंबर को हुए लाल किला कार बम धमाका मामले में गिरफ्तार जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को 10 दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। बिलाल को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने बंद कमरे में सुनवाई के बाद वानी को एनआईए की हिरासत में भेजा। एनआईए ने अदालत में कहा कि विस्फोट के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए उन्हें बिलाल की हिरासत की आवश्यकता है।

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