नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी। क्षेत्र में अवैध गर्भपात करवाने वाले नर्सिंग होम और क्लीनिकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही। सरकारी तंत्र की कथित उदासीनता के चलते ऐसे सेंटर खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ताज़ा मामला खन्ना नगर स्थित एक नर्सिंग होम से सामने आया है, जहां आरोप है कि एक युवती का पांच माह का गर्भ अवैध तरीके से गिराया गया। गर्भपात के बाद युवती की हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़िता की ओर से यह शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष दर्ज कराई गई है। न्याय न मिलने पर युवती ने इच्छामृत्यु की मांग भी की है और इसके लिए अपने फरार प्रेमी और उसके परिवार को जिम्मेदार बताया है।
शादी का झांसा, फिर जबरन गर्भपात
मामला अंकुर विहार थाना क्षेत्र की खन्ना नगर कॉलोनी का है। पीड़िता ने बताया कि उसका प्रेमी लंबे समय तक उसे शादी का भरोसा देता रहा और इसी दौरान उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगस्त माह में जब युवती गर्भवती हुई तो आरोप है कि प्रेमी उसे खन्ना नगर स्थित नर्सिंग होम ले गया और जबरन गर्भपात कराया।
गर्भपात के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई जबकि आरोपी प्रेमी फरार हो गया।
अवैध क्लीनिकों का नेटवर्क और प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि लोनी में कई क्लीनिक और नर्सिंग होम ऐसे हैं जहां पैसे के लालच में डॉक्टर बिना जांच-पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया के गर्भपात कर देते हैं। कई सेंटरों पर अप्रशिक्षित, गैर-पंजीकृत और अनुभवहीन लोग ही संवेदनशील चिकित्सा प्रक्रियाएं संचालित कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
सूत्र बताते हैं कि यह अवैध कारोबार गुपचुप तरीके से चलता है और कई बार जरूरतमंदों से मनमानी फीस वसूली जाती है। कथित तौर पर कुछ चिकित्सक इन युवाओं को न केवल गर्भपात के लिए उकसाते हैं बल्कि भविष्य में सहायता देने का आश्वासन भी देते हैं, जिससे ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर भी उठे सवाल
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नतीजतन इन क्लीनिकों का नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है और इनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते सख्त कदम उठाए तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है
घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लोनी में अवैध चिकित्सा कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन गंभीर है या नहीं?
पीड़िता अभी भी न्याय की उम्मीद में है, जबकि आरोपी और संबंधित जिम्मेदार लोग अब तक पकड़ से बाहर हैं।



