सिंगरौली
मजौना रेत खदान में अवैध उत्खनन बेकाबू
सीमा से बाहर रेत निकासी! बीच धार में दिन-रात खनन, सीमांकन तक नहीं, विभाग मौन

वीडियो वायरल ग्रामीणों में आक्रोश, माइनिंग विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली/देवसर। जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत मजौना रेत खदान में अवैध खनन का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। खदान में सीमा से बाहर रेत निकासी, नदी की बीच धार में दिन-रात मशीनों की धड़धड़ाहट और बिना सीमांकन के मनमाने तरीके से खनन खुलेआम जारी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह कि माइनिंग विभाग की अनदेखी से अवैध खननकर्ताओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
*बीच धार में दिन-रात अवैध खनन, पॉकलेन-डंपर लगातार सक्रिय*
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मशीनें दिन में छिपा दी जाती हैं और रात होते ही जेसीबी, पॉकलेन और ट्रैक्टर-डंपर महान नदी की बीच धारा तक उतरकर रेत की धड़ल्ले से निकासी करते हैं। न कोई रोक, न कोई जांच मानो खदान अवैध खनन करने वालों को खुला लाइसेंस दे दिया गया हो।
*सीमांकन तक पूरा नहीं, फिर भी चल रहा बड़े पैमाने पर उत्खनन*
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मजौना रेत खदान का अभी तक सीमांकन भी पूरा नहीं हुआ, इसके बाद भी रेत का बड़े पैमाने पर उत्खनन लगातार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन न होने का फायदा उठाकर अवैध रेत माफिया खदान की तय सीमा से कई गुना बाहर तक रेत निकाल रहे हैं।
*वीडियो वायरल, सोशल मीडिया में बवाल, विभाग अब भी खामोश*
पिछले कई दिनों से अवैध खनन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय मीडिया लगातार खबरें चला रहा है, ग्रामीण शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन माइनिंग विभाग अब तक मौन है।
न कोई छापा, न जब्ती कार्रवाई सूत्रों का कहना है कि विभाग पूरी तरह अनदेखी मोड में चल रहा है।
*जांच टीम पर खानापूर्ति का आरोप*
ग्रामीणों का आरोप है कि जब विभाग की टीम आती भी है तो सिर्फ फोटो खींचकर औपचारिकता निभाती है और वापस लौट जाती है। टीम जाते ही अवैध खनन और तेज़ हो जाता है।
*नदी कटाव से कई गांवों पर भविष्य का संकट*
अवैध उत्खनन नदी की धार में इतनी गहराई तक पहुँच गया है कि गंभीर कटाव होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह खनन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में आसपास के गांवों पर बड़ा प्राकृतिक खतरा मंडरा सकता है।
*ग्रामीणों की चेतावनी अब धैर्य नहीं, आंदोलन तय*
ग्रामीणों ने कहा है कि अब मामला सिर्फ रेत का नहीं बल्कि गांवों की सुरक्षा का है। यदि माइनिंग विभाग ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे।



