कानपुर

जॉब्सगार ने ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों का मिश्रित मॉडल अपनाया

और आज ऑफ़लाइन सेंटर हज़ारों नौकरी चाहने वालों के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन का प्रमुख स्थान बन चुका है

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कानपुर :  जाब्सगार व फिक्की फ्लो द्वारा जाब्स सागर कार्यालय नंदलाल चौराहा सीटीआई लिंक रोड गोविंद नगर में जाब्सरेडी प्रोग्राम की शुरुआत हुई आपको बता दे कि जॉब्सगार,एक टेक-सक्षम करियर और रोज़गार प्लेटफ़ॉर्म ने फिक्की फ्लो कानपुर के साथ मिलकर जॉबरेडी के पहले बैच की शुरुआत की। यह एक कम अवधि का, बाज़ार की ज़रूरतों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य कानपुर की बेटियों को आज के नौकरी बाज़ार के अनुसार स्पष्ट करियर दिशा और ज़रूरी कौशल देना है। जॉबरेडी को जॉब्सगार के कानपुर करियर सेंटर में पिछले एक वर्ष में किए गए आकलनों, काउंसलिंग और टेक आधारित प्रोफ़ाइल मूल्यांकन से मिली समझ के आधार पर तैयार किया गया है। इन अध्ययनों में सामने आया कि शहर के युवाओं में रोज़गार से जुड़ी मुख्य चुनौतियाँ—करियर की जानकारी की कमी और नौकरी भूमिकाओं को लेकर गलत समझ—हैं। इसके बाद कौशल की कमी, जो उम्मीदवारों को बाज़ार की अपेक्षाओं के अनुसार तैयार नहीं होने देती, दूसरी बड़ी समस्या के रूप में सामने आई। पहले चरण में गहन बातचीत और काउंसलिंग के बाद चुनी गई 21 छात्राएँ कस्टमर सर्विस, फ्रंट डेस्क संचालन, रिटेल और काउंटर सेल्स जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में नौकरी पर केन्द्रित प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। यह पहल युवाओं को इन चुनौतियों से उबारने के लिए निम्न सुविधाएँ देगी बाज़ार की ज़रूरतों से जुड़े विशेष जॉब-रोल कौशल , व्यावहारिक प्रशिक्षण और कार्यस्थल-तैयारी मॉड्यूल , बुनियादी संचार कौशल और उद्योग की अपेक्षाओं पर स्पष्ट मार्गदर्शन आने वाले महीनों में जॉब्सगार रिटेल, अकाउंटिंग,
क्युएसआर, बैंकिंग और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में दस और मांग-आधारित कोर्स शुरू करेगा। इनका उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल देना है जो सीधे रोज़गार से जुड़े हों। इससे जॉब्सरेडी के तहत उद्योग-केंद्रित और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की जॉब्सगार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। सहयोग पर बोलते हुए फिक्की फ्लो कानपुर की चेयरपर्सन कृति श्रॉफ ने कहा फिक्की फ्लो कानपुर का लक्ष्य है कि शहर के युवाओं के लिए वास्तविक और मापने योग्य बदलाव लाने वाली पहलों को आगे बढ़ाया जाए। जॉब्सगार के साथ हमारी साझेदारी इसी सोच को दर्शाती है—कि युवाओं को सही जानकारी, आत्मविश्वास और कौशल मिले ताकि वे मज़बूत करियर बना सकें। जॉब्सरेडी हमारे शहर के लिए बिल्कुल वही संगठित तैयारी लेकर आया है जिसकी आज ज़रूरत है। जॉब्सगार की निवेशक और सलाहकार पूनम कौल ने कहा जॉब्सरेडी सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है यह सोच और तैयारी में बदलाव की शुरुआत है। जब युवाओं को सही जानकारी और वास्तविक उम्मीदें मिलती हैं, तो उनकी सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इस बदलाव की शुरुआत के लिए कानपुर एकदम सही जगह है। जॉब्सगार के सह-संस्थापक अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि कानपुर में पिछले एक वर्ष के हमारे अनुभव ने साफ़ किया कि रोजगार संबंधी दिक्कतें सिर्फ कौशल की कमी तक सीमित नहीं हैं। सबसे बड़ा अंतर करियर की सही समझ और स्पष्टता का है नौकरियों, अपेक्षाओं और करियर मार्गों को समझने का। जाब्सरेडी इसी कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है। फ्लो के सहयोग से हम शहर के लिए सचमुच जॉब-रेडी टैलेंट तैयार करने को उत्साहित हैं। यह उपलब्धि कानपुर में जॉब्सगार की एक वर्ष की जमीनी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। शुरू में जब कंपनी ने पूरी तरह टेक-आधारित मॉडल अपनाया, तो पता चला कि नौकरी भूमिकाओं को सही तरह न समझ पाने के कारण उम्मीदवार बड़ी संख्या में इंटरव्यू में छंट रहे थे। इसके बाद जॉब्सगार ने ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों का मिश्रित मॉडल अपनाया और आज ऑफ़लाइन सेंटर हज़ारों नौकरी चाहने वालों के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन का प्रमुख स्थान बन चुका है। जाब्सरेडी बैच की शुरुआत के साथ जॉब्सगार एक जानकारी-युक्त,सक्षम और अवसर-तैयार कार्यबल तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है कानपुर से शुरुआत करते हुए और जल्द ही उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों तक विस्तार की दिशा में है।
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