
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विशेष गहन संशोधन (SIR) की समयसीमा को बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश में मतदाता पंजीकरण (गणना) की अंतिम तिथि को 15 दिन आगे बढ़ाकर 26 दिसंबर 2025 कर दिया गया है। यह विस्तार राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिंवा की मांग पर आधारित है, ताकि मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं के विवरण की पुन: जांच सुनिश्चित हो सके।
इस संशोधित कार्यक्रम के अनुसार: 26 दिसंबर 2025 तक मतदाता पंजीकरण (गणना अवधि) पूरी होगी। 31 दिसंबर 2025 को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की जाएगी। 31 दिसंबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। 21 फरवरी 2026 तक इन दावों-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
यह विस्तार तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के साथ उत्तर प्रदेश के लिए लागू है। चुनाव आयोग ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे फॉर्म 6 भरकर नाम दर्ज कराएं, खासकर वे युवा जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो जाएंगे। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में SIR कार्य लगभग 99 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, लेकिन 2.90 करोड़ फॉर्म अभी भी एकत्रित बाकी हैं। मतदाता ईसीआई-नेट ऐप या वेबसाइट के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।




