गोड्डा
बालेश्वर मानव सेवा संस्थान ने असहायों के बीच बांटा कंबल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। महागामा क्षेत्र में बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप के बीच सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित बालेश्वर मानव सेवा संस्थान द्वारा एक सराहनीय और मानवतापूर्ण पहल करते हुए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य के माध्यम से असहाय, गरीब और निराश्रित भाई-बहनों को राहत पहुंचाई गई, जो इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में अभावों के बीच जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। कार्यक्रम में महागामा के कई प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य रूप से स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक राजेश कुमार उपाध्याय, जिला संयोजक अजय कुमार चौबे, खंड संयोजक अनिश केसरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला शारीरिक प्रमुख शुभेन्दू शेखर, खंड कार्यवाह ऋतिक जयसवाल, भाजपा कार्यकर्ता राजाराम राउत, रवि कुमार मोदी तथा संस्थान के संस्थापक एवं स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक मोनू दूबे सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित सभी वक्ताओं ने बालेश्वर मानव सेवा संस्थान के इस मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की सेवा में सहयोग करना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड, भूख या अभाव के कारण पीड़ित न हो।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक राजेश कुमार उपाध्याय ने संगठन की शक्ति और सेवा भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी संगठन की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब वह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने की क्षमता रखता हो। सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि हमारे संस्कार होने चाहिए। स्वदेशी और स्वावलंबन के साथ-साथ ‘सेवा’ के माध्यम से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। वहीं, संस्थान के संस्थापक एवं स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत पूर्णकालिक हिमांशु शेखर ने संस्थान के विजन को साझा करते हुए कहा कि संस्था का मूल मंत्र नर सेवा, नारायण सेवा है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि बालेश्वर मानव सेवा संस्थान भविष्य में भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा, ताकि कोई भी स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे। कार्यक्रम के दौरान जब कड़ाके की ठंड के बीच बुजुर्गों, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को गर्म कंबल प्रदान किए गए, तो उनके चेहरों पर सुकून और राहत की मुस्कान साफ दिखाई दी।



