झुंझुनू
अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति की आपातकालीन बैठक आज
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति की आपातकालीन बैठक आज 21 दिसंबर को मणकसास के टोडी वाले बालाजी की पहाड़ी पर प्रातः 11.00 बजे बुलाई गई है। केके सैनी ने बताया कि बैठक सुप्रीम कोर्ट के 20 नवम्बर 2025 के फैसले पर सभी सदस्यों व आमजन की आम सहमति से आगे की रणनीति रूपरेखा बनाकर ठोस प्रयास किए जाएं। कारण कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अरावली का अस्तित्व ख़तरे में पड़ गया है। इस फैसले के लिए पुनर्विचार समिक्षा याचिका हेतु अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति ने सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार समिक्षा याचिका हेतु ज्ञापन पत्र भेजकर याचिका स्वीकार करने का आग्रह किया गया है। इसी तरह केंद्र व राज्य सरकार सहित अन्य सभी पक्ष विपक्ष के सदस्यों को नेताओं, समाजसेवी व भामाशाहों को भी आगे आकर बिना किसी विचारधारा से अरावली बचाने के अभियान में शामिल होनी की अपील की है।
वर्षों से अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति अरावली के विकास हेतु निरंतर प्रयास किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि अरावली हम सबका रक्षा कवच है उतरीं भारत की लाइफ लाइन है। विश्व की प्राचीन प्राकृतिक धरोहरो में से एक है। इसे किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने देंगे। केके सैनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की रिपोर्ट के आधार पर फैसला देकर 100 मीटर से ज्यादा ऊंचाईयों वाली पर्वत मालाओं को ही अरावली क्षेत्र माना है जबकि इस ऊंचाई की पहाड़ियों का क्षेत्र मात्र 5 से 7 प्रतिशत ही है। जबकि 90-95 प्रतिशत भू भाग छोटी छोटी पहाड़ियों का है जिनसे मिलकर अरावली बनती है। इसे समूल नष्ट करने जैसा फैसला बहुत अफसोस जनक है। इस फैसले से आमजन व पयार्वरण प्रेमियों ने भी चिंता जाहिर की है। इस पर पुनर्विचार की मांग चारो तरफ से उठ रही है। मीटिंग फैसले के पुनर्विचार समिक्षा याचिका के लिए आमजन के सहयोग से आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है। इसलिए आमजन को इस मीटिंग आमंत्रित किया जा रहा है। अरावली राजस्थान की लाइफ लाइन है। इससे राजस्थान के 25 जिले प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहें हैं। उदयपुरवाटी का संपूर्ण पहाड़ी वैल्ट इस फैसले से प्रभावित हो रहा है। इस फैसले से पर्यावरण प्रदूषण भी ख़तरनाक रूप ले लेगा। पेड़ पौधे,पशु पक्षी, जानवर,जैव विविधता ख़तरे में पड़ जाएगी। अतः इसे बचाने हेतु अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति अभियान -जन जागृति आपके द्वार, अभियान -अरावली बचाओ आपके द्वार को ओर तीव्र गति से बढ़ाने का निरंतर प्रयास जारी है।


