ललितपुर

अरावली पर्वत पर अवैध खनन से बिगड़ जायेगा प्राकृतिक रवैया

जय हिंद क्लब ललितपुर ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। विगत दिनों में सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पर्वत माला में सौ मीटर से ऊपर पर्वतों को अरावली पर्वत माला में रखा है। सौ मीटर से कम पर्वतों को अरावली पर्वत माला के पर्वत नहीं माना है, जिन पर्वतों को अरावली पर्वत माला का हिस्सा नहीं माना गया। वैसे पर्वत 90 से 92 प्रतिशत हैं जिनको सरकार चाहे तो आधिकारिक तौर पर खनन करने की अनुमति दे सकती है, जिससे कि उत्तर भारत का प्राकृतिक संतुलन बिगडऩे की पूरी उम्मीद है। इसी गंभीर चिंता के बादल मंडरा रहे हैं, अगर अरावली पर्वत माला का खनन होना शुरू हो गया तो रेगिस्तान की गर्म हवा और रेत उत्तर भारत के राज्यों को अपने चंगुल में ले लेगी और दिल्ली जो कि देश की राजधानी है। आने वाले समय में रेगिस्तान का रूप ले लेगी इस गंभीर विषय पर चिंतन कर जय हिंद क्लब ललितपुर के तत्वाधान में सेव अरावली ट्रस्ट की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए उप जिलाधिकारी सदर के जरिए महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान राम प्रताप, मोंटी शुक्ला, अंकित यादव, आयुष शर्मा, पंकज श्रीवास, चरण सिंह, पंकज रैकवार, अनमोल कुशवाहा आदि शामिल रहे।
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