उप-श्रमायुक्त के आश्वासन पर आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का हड़ताल समाप्त।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। बोकारो जिले में पिछले 15 दिनों से विभिन्न प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अनुमंडलीय अस्पताल में आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी अपने छः महीने का बकाया वेतन, ईएसआईसी एवं इपीएफ का लाभ देने की मांग को लेकर हड़ताल थे। हड़ताल के आठवें दिन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की बोकारो जिला कमेटी ने आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी के हड़ताल एवं उनकी मांगों का समर्थन किया था। समर्थन के बाद लगातार सीटू प्रयासरत थी कि इन आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का बकाया वेतन भुगतान समेत अन्य मांग पूरा हो। हड़ताल के 15 दिनों के दौरान बोकारो जिले के सिविल सर्जन समेत जिला स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारियों की तरफ से वार्ता की कोई पेशकश नहीं की गई थी। मजबूरन 22 दिसंबर को स्वास्थ्य कर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव किया था। 22 दिसंबर की शाम सिविल सर्जन कार्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों को एक लिखित आश्वासन दिया गया था कि दो दिनों में तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन इस आश्वासन के बाद भी हड़ताल जारी रहा। पुनः 23 दिसंबर को सीटू की बोकारो जिला कमेटी के नेतृत्व में जिले के उप-श्रमायुक्त रंजीत कुमार के साथ हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर बोकारो थर्मल अवस्थित सहायक श्रमिक कार्यालय में एक वार्ता हुई। उप-श्रमायुक्त के आश्वासन पर जिले के अंदर 24 दिसंबर को स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने काम पर लौट गए हैं।
सीटू के बोकारो जिला महासचिव प्रदीप कुमार विश्वास ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा अगर दो दिनों के अंदर तीन महीने का बकाया वेतन एवं उसके तुरंत बाद बाकी तीन महीने का बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता है। तब आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी फिर से सीटू के नेतृत्व में आंदोलन पर जाएंगे। उप-श्रमायुक्त के साथ वार्ता में सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर, जिला के संयुक्त महासचिव विजय भाई एवं राकेश कुमार समेत स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से चंद्रदेव दास, कुंदन कुमार, योगेश प्रसाद, तौशिक आलम, इम्तियाज समेत कई लोग शामिल थे।




