
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
अलवर /खैरथल–तिजारा: अलवर लोकसभा क्षेत्र के खैरथल, तिजारा और राजगढ़ में प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन क्षेत्रीय सांसद और राज्य सरकार की चुप्पी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
खैरथल में जिला मुख्यालय को लेकर चल रहा धरना 145 दिन पूरे कर चुका है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इतने लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद न सरकार ने संवाद किया और न ही सांसद ने कोई पहल की।
तिजारा में राजकीय कन्या महाविद्यालय को हिंगवाड़ा या लुहादेरा स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को एडवोकेट पुरुषोत्तम सैनी के नेतृत्व में लोगों ने SDM के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
राजगढ़-रैणी क्षेत्र के दलालपुरा गांव में स्वीकृत केन्द्रीय विद्यालय को शिफ्ट किए जाने के विरोध में आंदोलन सातवें दिन भी जारी है। प्रशासन से हुई वार्ता निष्फल रहने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
तीनों क्षेत्रों में एक साथ उभर रहे आंदोलनों ने अलवर ,खैरथल-तिजारा के जनप्रतिनिधित्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

