
नोएडा। जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां 50 से अधिक सोसाइटी है। 20 से अधिक सोसाइटी में हजारों लोग रहते भी हैं। यहां कई जगह स्ट्रीट लाइसें भी खराब हैं। सड़क भी टूटी हुई हैं। लोगों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दो और तीन बीएचके वाले फ्लैट ले रखे हैं।
नोएडा सेक्टर 150 के पास बेसमेंट में भरे पानी में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद पिता राज कुमार मेहता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने मामले में बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
प्रशासन पाक साफ-वहीं जिस जगह पर हादसा हुआ है। वहां 50 से अधिक सोसाइटी है। 20 से अधिक सोसाइटी में हजारों लोग रहते भी हैं। यहां कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं। सड़क भी टूटी हुई हैं। लोगों ने एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दो और तीन बीएचके वाले फ्लैट ले रखे हैं। मगर सोसाइटी से निकलने वाले पानी के लिए उचित निकासी की व्यवस्था नहीं है। सोसाइटियों के पीछे से निकलने वाली हिंडन नदी में पानी छोड़ने पर मनाही है। इस कारण बिल्डर की ओर से कई सोसाइटियों से बिना शोधित किए ही पानी को खुले नाले और खाली प्लॉट में छोड़ा जाता है। घटना स्थल के पास पीछे जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता पड़ी भारी-पुलिस को दी तहरीर में राजकुमार मेहता ने कहा कि सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।
पुलिस का बयान।प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी। युवक के पिता ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। -सर्वेश सिंह, कोतवाली प्रभारी, नॉलेज पार्क
घटना की टाइम लाइन
रात 12 :05 बजे -अनियंत्रित कार बेसमेंट में गिरी
12:25 बजे -युवक ने पिता को फोन से सूचना दी
12:30 बजे – पिता ने डायल 112 पर सूचना दी
12:41 बजे -कंट्रोल रूम से कोतवाली प्रभारी के पास फोन आया
12:50 बजे -पुलिस फोर्स और दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे
1:15 बजे -एसडीआरएफ टीम घटना स्थल पर पहुंची
1:45 बजे – बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत युवक डूबा
1:55 बजे -गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीम पहुंची
4:30 बजे -युवक को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
नोट : समय जैसा पुलिस और परिजनों ने बताया
युवराज का हुआ अंतिम संस्कार-शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने सफीपुर में नम आंखों से युवराज का अंतिम संस्कार किया। पिता, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। दोस्तों ने बताया कि युवराज मिलनसार और काम में बेहद अच्छा था। करीब एक साल से गुरुग्राम की कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी बहन, जो यूके में रहती है, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकी। घटना के बाद पिता अकेले पड़ गए हैं और उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया है।
लोगों ने उठाया लापरवाही का मुद्दा -हादसे के बाद सेक्टर निवासियों ने लापरवाही का मुद्दा उठाया है।उन्होंने कहा है कि करीब 16 दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। उस वक्त शिकायत के बाद अधिकारी जाग जाते तो शुक्रवार को युवराज की जान बच सकती थी। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में ऐेसे अधबने प्लॉटों की संख्या अच्छी खासी है। जहां कभी भी हादसो हो सकते हैं।



