हजारीबाग

हज़ारीबाग पांच दिवसीय दिशोम सोहराय धूमधाम के साथ हुई संपन्न।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

हज़ारीबाग रविवार को सरहुल मैदान स्थित मांझी थान जाहेर थान परिसर में पांच दिवसीय चंपा दिशोम सोहराय महापर्व हजारीबाग मे तीसरा दिन डंगरा खुंटा के रूप में मुख्य कार्यक्रम विकसित ग्रामीण विकसित ग्राम के तर्ज पर दृढ़ संकल्प के रूप में आत्म सम्मान आत्म स्वाभिमान के रूप में मनाया। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में के गण मान्य लोग शामिल हुए जिसमें से गांव के ग्राम प्रधान एवं अधिकारी सामाजिक,राजनीतिक एवं संस्था के लोग उपस्थित हुए।इस कार्यक्रम में सामाजिक दृष्टिकोण के परिपेक्ष में मुख्य अतिथि सडीओ किस्टो बेसरा, विशिष्ट सम्मानित अतिथि के रूप में आदिवासी समाज परगना मड़वा धर्मगुरु मानोतान कानू टुडू धनबाद निरसा सपोर्ट संस्था के , बड़ा ग्राउंड के जिला प्रबंधक विनोद कुमार सिंह समिति के सम्मानित अतिथि के रूप में जग्गन कच्छप पूर्व सारना समितिअध्यक्ष पहन बंधन टोप्पो, एवं आदिवासी छात्र संघ के केंद्र उपाध्यक्ष सुशील ओडिया सरना समिति सचिव सुनील लकड़ा परमेश्वर उरांव इत्यादि ने सामूहिक रूप से मांझी थान जाहेर थान परिसर में पूजा कर सोहराय महापर्व कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि एसडीओ कीस्टो बेसरा ने कहा कि स्वराय पर आदिवासियों का सबसे बड़ा त्यौहार में से एक है इस त्यौहार में बेटियों को सम्मान फसल उत्पादन करने के लिए पशुओं को सम्मान और आपसे गिला शिकवा दूर कर प्रेम करने का संदेश देता है साथ ही साथ युवाओं से अपील की गई की अपने सांस्कृतिक धरोहर को विकसित करते हुए वर्तमान समय में शिक्षा तकनीकी शिक्षा रोजगार में विशेष ध्यान देने की जरूरत है तभी हमारा समाज सशक्त एवं मजबूत हो पाएगा। विशिष्ट अतिथि कानू टुडू ने कहा कि चौराहे पर का इतिहास बहुत पुराना है और यह तीन चीजों को विशेष मान्यता दी गई है बेटी को सम्मान सोहराय पर्व बनाना शुरू किए थे हमारे पूर्वज ने। जिसे हमारा समाज को सोहराय दय के नाम से भी जाना जाता है। और अपने धर्म को सुरक्षित संरक्षित एवं उसके इतिहास को लेकर विस्तार से बातें बताई। सरना समिति पाहान बंधन टोप्पो ने इस कार्यक्रम में शिरकत होकर संथाल समुदाय की कला संस्कृति रीति रिवाज देखकर बहुत खुश हुए कि आज भी युवा लोग अपने समाज के प्रति लगाव रखे हुए। सोहराय सभी आदिवासी मूल निवासियों के त्यौहार में से एक है जिसमें संथाल समुदाय इसे बहुत बड़े पैमाने पर मानता है। यंग ब्लड आदिवासी समाज सह ऑल संथाल स्टूडेंट यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष मनोज टुडू ने कहा कि सिर्फ चाय चंपागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ बचने के साथ-साथ अपने समाज की सामाजिक क्षणिक आर्थिक को मजबूत करने का एक केंद्र है और इसे पूरे झारखंड में विस्तृत करने का कार्य किया जा रहा है। सुशील ओड़िया ने कहा कि इस सोहराय महापर्व पर काफी आनंद देता है क्योंकि इसमें आदिवासी भाषा संस्कृति की छवि नजर आती है। सपोर्ट संस्था के कोमन ग्राउंड के जिला प्रबंधक ने सभी को जनजातीय चंपा देसम सारी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी और सपोर्ट संस्था लगातार जनजातियों के विकास के लिए कार्य कर रहा है और आगे भी कार्य करते रहेगा। इस कार्यक्रम को सफल करने में जो संथाल स्टूडेंट यूनियन के प्रवक्ता आनंद सोरेन,महासचिव रमेश हेम्ब्रोम नरेश सोरेन उपाध्यक्ष विजय सोरेन किशोर हसदा मनोहर सोरेन प्रवेश हसदा चंदन किस्कू ,कैलाश किस्कू,राजकुमार किसको अशोक मुर्मू रविंद्र हेंब्रम राहुल हेंब्रम संतोष हेंब्रम नीलांबर हेंब्रम सुनील मरांडी नवीन सोरेन अंबिका टोक मनी टोक ललिता सोरेन प्रमिला मुर्मू मिसल किसको शिवजी टुडू,नवीन सोरेन अनिल मुर्मू संजय राहुल शामिल थे।

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