बरेली
आउटर रिंग रोड…20 गांवों की भूमि अर्जन कर एनएचएआई को दिया कब्जा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। दिल्ली-लखनऊ के साथ बदायूं हाईवे को कनेक्ट करने के लिए प्रस्तावित पश्चिमी आउटर रिंग रोड के लिए 20 गांवों के कई किसानों की 410 करोड़ रुपये से भूमि अर्जन कर ली गई है। भूमि अर्जन के बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ने एनएचएआई को कब्जा भी दे दिया है। अब एनएचएआई की टीम झुमका तिराहे से लेकर चौबारी तक रिंग रोड के निर्माण के लिए कार्य शुरू करेगा। रिंग रोड के निर्माण के लिए सभी अड़चनें भी दूर हो गई हैं। सरनियां के पास मूल्यांकन में हुई गड़बड़ी का मामला भी एनएचएआई ने सुलझा लिया है।
आउटर रिंग रोड बरेली शहर से जाम की दिक्कत दूर करने के लिए प्रस्तावित किया है। झुमका तिराहे से चौबारी होते हुए इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक करीब 29 किमी लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। पहले चरण में झुमका से लेकर चौबारी तक के गांवों की भूमि अर्जन की गई है। करीब 29 किलोमीटर रिंग रोड पर 2117 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए भूमि अर्जन और मुआवजा बांटने की प्रक्रिया जारी है।
32 गांवों की भूमि करीब 610 करोड़ से अर्जन की जाएगी। कलेक्ट्रेट स्थित विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय भूमि अर्जन की कार्रवाई पूरी करा रहा है। बताते हैं कि अभी तक बादशाह नगर, बल्ला कोठा, बेहटी देह जागीर, बिरिया नरायनपुर, चौबारी मुस्तकिल, धंतिया, इटौआ सुखदेवपुर, महेशपुर अटरिया, महेशपुर ठाकुरान, महगवां उर्फ ऊंचागांव, परसाखेड़ा, रसूला चौधरी, रोधी मुस्तकिल, रोठा ऐतमाली, रोठा मुस्तकिल, सहसिया हुसैनपुर मुस्तकिल, सहसिया हुसैनपुर ऐतमाली, सराय तल्फी आदि क्षेत्र से भूमि अर्जित की जाएगी !



