Uncategorized
लोनी में सरकारी जमीन पर खेल
4 महीने बाद भी आदेश बेअसर, सम्पूर्ण समाधान दिवस में उठा मामला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद। लोनी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान वार्ड 35 के सभासद गुलज़ार अली ने ए डी एम ज्योति मोर्या के सामने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोनी नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी के.के. मिश्रा द्वारा सरकारी भूमि के गांव घरोठी खुर्द के खसरा संख्या 80/3/2 की खाली पड़ी जमीन 0.4300 हेक्टेयर पर क्रय-विक्रय रोकने के लिए जारी आदेश को करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन सम्बंधित जमीन पर अभी तक भी कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया और शिकायत के बाद भी अब तक जमीनी स्तर पर इस मामले मे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सभासद के अनुसार, नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के आदेश पिछले चार माह से केवल फाइलों तक सीमित रह गये है और संबंधित जमीन पर अवैध खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए न तो सूचना बोर्ड लगाया गया और न ही अन्य कोई प्रभावी कदम उठाया गया। इससे सरकारी जमीन पर कब्जे और बिक्री का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में संबंधित लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है शिकायत में लेखपाल पर 6 लाख रुपए लेकर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कराने के भी आरोपों का जिक्र है इस मामले में नगरपालिका के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सभासद का कहना है कि आरोपी लेखपाल अपनी राजनीतिक पहुंच और अधिकारियों से कथित सांठगांठ के चलते बेखौफ होकर इस तरह के काम कर रहा है।
गौरतलब है कि शासन और उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद लोनी क्षेत्र में शिकायत के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ पाया है।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज होने के बाद अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्या इस बार शिकायत पर ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों और डस्टबिन तक सीमित रह जाएगा।

