आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होने डीएम माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं पिछले कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार कीअनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया है और न ही वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने कहा कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन पूर्व में कई बार सरकार को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस व सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। जनवरी माह में प्रस्तावित आंदोलन की पूर्व सूचना भी प्रशासन को दी गई थी, इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता एवं सवेतन मेडिकल अवकाश जैसी सुविधाएं प्रदान करने, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, पदोन्नति प्रक्रिया को योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर नियमित व समयबद्ध बनाने, पोषण ट्रैकर के लिए मोबाइल फोन व डाटा भत्ता उपलब्ध कराने, प्रोत्साहन राशि को मानदेय में शामिल करने तथा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के निजीकरण व आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, गुणवत्तायुक्त पोषाहार की स्थायी व्यवस्था करने, बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्य जबरन न थोपने, मनमानी मानदेय कटौती व उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा राजनीतिक कार्यक्रमों में जबरन उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई।
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 7 मार्च तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 8 मार्च को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ कूच करने को विवश होंगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस अवसर पर पूनम, मिथलेश, रूपा, संगीता, मंजू, सुमन, सुनीता, कुसुम, गीता, ऊषा आदि मौजूद रहे।


