स्वर्ण समाज से जुड़े लोगों ने किया यूजीसी कानून का विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। गुरुवार को स्वर्ण समाज से जुड़े लोगों ने यूसीजी कानून के विरोध में कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों से जुड़े व्यावहारिक असंतुलन के समाधान की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान प्रवेश एवं चयन प्रणाली में सामान्य वर्ग के छात्रों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समान परीक्षा प्रणाली होने के बावजूद सामान्य वर्ग के लिए अपेक्षाकृत अधिक कटऑफ निर्धारित किया जाता है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षणिक सहायता सीमित है, जिससे उच्च शिक्षा के अवसरों में असंतुलन पैदा हो रहा है। स्वर्ण समाज के लोगों ने यूसीजी कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी वर्ग, समुदाय या व्यवस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में योग्यता, आर्थिक स्थिति और समान अवसरों के बीच संतुलन स्थापित करना ही उनका उद्देश्य है, ताकि देश को एक सशक्त भविष्य मिल सके। प्रशासन से मांग की कि उक्त विषयों पर संज्ञान लेते हुए उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इससे पूर्व धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार यूसीजी लाकर स्वर्ण समाज का उत्पीडन करना चाहती है, जिसको बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होने एक स्वर में यूसीजी बिल वापस न लेने पर आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर शेर सिंह राणा, ओमप्रकाश शर्मा, ठाकुर लाखन सिंह, योगेश भारद्वाज, विक्रांत भार्गव, दिनेश शर्मा, अविनाश भारद्वाज, महेन्द्र शर्मा, सचिन शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, संजय कौशिक, सुभाषचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
शामली। गुरूवार को शामली कलक्ट्रेट में आयोजित स्वर्ण समाज के धरने प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा खडा हों गया, जब भाजपा समर्पित कुछ लोगों सरकार का विरोध करने पर हंगामा किया। उन्होने मोदी योगी का विरोध करने पर नाराजगी जाहिर की, जिस पर वहां मौजूद लोग दो गुटों में बट गए थे। हालाकि गणमान्य लोगों ने बीच बचाव करते हुए कहा कि यहां किसी पार्टी का नही बल्कि यूसीजी बिल का विरोध हो रहा है। जिसके बाद मामला शांत हो सका।


