कैराना
श्मशान घाट से अस्थियां चोरी कर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में दो महिलाएं गिरफ्तार, चिता की राख बरामद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। ग्राम झाड़खेड़ी स्थित श्मशान घाट से चिता की अस्थियां और राख चोरी कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के गंभीर मामले का थाना कैराना पुलिस ने खुलासा करते हुए दो महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चिता की राख (अवशेष) भी बरामद कर ली है। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई थी। घटना विगत 28 जनवरी की है, जब ग्राम झाड़खेड़ी निवासी मिट्ठन सिंह का निधन हो गया था। परिजनों ने उसी दिन गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद शुक्रवार को मृतक के पुत्र गोपाल जब अपने पिता की अस्थियां एकत्र करने श्मशान घाट पहुंचे तो मौके पर अस्थियां और चिता की राख गायब मिली। पूछताछ करने पर ग्रामीणों ने बताया कि 29 जनवरी को गांव की ही कलसुम पत्नी शब्बीर और अन्य महिलाओं ने लोगों के मना करने के बावजूद चिता से अस्थियां और राख एकत्र कर अपने साथ ले गई थीं। इस संबंध में गोपाल द्वारा थाना कैराना में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 68/26 धारा 298, 305ए एवं 317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह ने तत्काल घटना के अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक शामली सुमित शुक्ला के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी कैराना हेमंत कुमार के निकट पर्यवेक्षण में थाना कैराना पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस ने वांछित दो महिला अभियुक्ताओं कलसुम पत्नी शब्बीर, निवासी ग्राम झाड़खेड़ी तथा मुन्नी पत्नी यूसुफ, निवासी रहमतनगर, कस्बा व थाना कैराना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चिता की राख बरामद की, जिसे एक काली पन्नी और सफेद थैले में घर के बक्से पर छिपाकर रखा गया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार महिलाओं ने बताया कि उन्होंने सुना था कि मृत व्यक्ति की राख लगाने से शरीर की गांठ और कुछ बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इसी अंधविश्वास के चलते वे दोनों श्मशान घाट गई थीं और वहां से चिता की राख अपने साथ ले आई थीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस कृत्य से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और कानूनन यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समाज में अशांति फैलाने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक पवन कुमार, हेड कांस्टेबल आकाशदीप और महिला हेड कांस्टेबल प्रेमलता शामिल रहीं।