मुरादाबाद

मुरादाबाद मंडल में स्वास्थ्य सेवाएं स्टेरेचर पर

सुविधाएं न मिलने से आम नागरिक परेशान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। मंडल के अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसरों की उदासीनता के कारण अस्पतालों की सेवाओं का बुरा हाल है लोगों को बड़े पैमाने पर इन अस्पतालों में इलाज के लिए कोई भी अच्छी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिलों के अस्पतालों में डाक्टरों की भारी कमी है जिसके कारण मरीजों को ठीक से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डाक्टरों के खाली पदों को भरने के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के संयुक्त जिला अस्पताल में डाक्टरों के 49 पद मंजूर हैं इसके अलावा यहाँ डाक्टरों के 17 पद रिक्त पड़े हैं मंडल मुख्यालय के इस बडे़ अस्पताल में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, रेडियोलाॅजिस्ट, एनेस्थेटिक, कारडियोलॅजिस्ट  नेफ्रोलाॅजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, यूरोलाॅजिस्ट के पद खाली हैं। मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और कांठ जैसी तहसीलों में प्राथमिक केंद्र  में कोई भी महिला डाक्टर मौजूद नही हैं। मुरादाबाद के इस बडे़ अस्पताल में एमआरआई मशीन भी नहीं है सीटी स्कैन मशीन की क्षमता अत्याधिक कम है। मुरादाबाद के जिला अस्पताल में 400 मरीजों पर केवल एक फिजिशियन तैनात है। लगभग एक करोड़ तीस लाख की आबादी वाले इस महानगर के संयुक्त अस्पताल में डाक्टरों के साथ साथ दवाईयों का भी आभाव रहता है इसके अलावा दवाईयों से लेकर पर्चा बनवाने तक के काउंटर काफी कम है जिसके कारण रोजाना मरीजों की लंबी लंबी लाइनें लगी रहती है। आये दिन यह भी होता है कि मरीजों का जबतक नंबर आता है डाक्टर अपने केविनों से उठ जाते हैं और मरीज अपने को दिखाने के लिए इधर उधर भटकते रहते हैं। इस तरफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ध्यान का नहीं जाता है हाल ही में जैसा कि बताया गया है कि शासन की ओर से सभी जिलों से डाक्टरों के खाली पदों का विवरण मांगा गया है। बिजनौर के सीएमओ द्वारा भेजी गई जानकारी के अनुसार महिला डाक्टरों के 14 पद खाली हैं जनरल सर्जन के 13 और फिजिशियन के 11 पद , बाल रोग विशेषज्ञ के 12 पद खाली हैं इसके अलावा बिजनौर जनपद में कोई भी आरथोपैडिक सर्जन नहीं है दूसरी तरफ संभल जनपद में 120 पद स्वीकृत है मगर केवल जनपद में 31 डाक्टर नियुक्त हैं इनमें एक भी ईएनटी और स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा रामपुर में कोई ईएनटी सर्जन नहीं है संविदा पर नियुक्त जनरल सर्जन की सेवा 13 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। रामपुर जिले के पांच प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर विशेषज्ञ डाक्टरों के 25 में से 22 पद रिक्त पड़े हैं। अमरोहा जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ और फिजशियन के तीन तीन पद खाली हैं इसके अलावा एस एन सी यू में नवजातों के लिए बवल सी पेप मशीन भी मौजूद नहीं है।इसके के अलावा अमरोहा के सीएमओ के अधीन सर्जन, गाइनी और रेडियोलाॅजिस्ट के सारे पद खाली पड़े हैं। मंडल के ऐडी हैल्थ ने बताया मंडल में डाक्टरों की भारी कमी को देखते हुए शासन को इस बारे में रिपोर्ट भेजी गई है स्वीकृति मिलने पर नियुक्ति की जायेगी।
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